हिंदू पौराणिक कथाओं और मान्यताओ मे, भगवान यम को मृत्यु के बाद के शासक के रूप माना जाता है। जो मृतको की अध्यक्षता करने और उनके भाग्य का निर्धारण करने के लिए जिम्मेदार होते है। यम मृत्यु और पाताल के देवता है। यम सूर्यदेव और संजना जो की विश्वकर्मा जी की बेटी है , के पुत्र है। ऐसा कहा जाता है कियमपहले व्यक्ति थे, जिनकी मृत्यु हुई थी। पूर्वता के आधार पर उन्हे मृतको का स्वामी और न्यायाधिश बनाया। शिव के आशीर्वाद से यम ने पापियो को दंड देने के लिए नरक की रचना की। यम पौड्रक नामक भैसेपर सवार होते है। इसका जन्म शिव के रौद्र रूप रुद्र की जांघो से हुआ था। यम को अक्सर धर्मराजा के रूप संदर्भित किया जाता हैं। यम मनुष्यों के अच्छे बुरे कर्मो का अवलोकन करते है और उन्हे उनके कर्मो के अनुसार नरक और स्वर्ग का मार्ग दिखाते है। 
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abhishek rajput· 6 साल पहले
लेखकभगवान यम कैसे नरक के राजा बने?
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जवाब दिया गया10/10/23
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जवाब दिया गया10/12/23
हमारे हिंदू धर्म में भगवान यम को मृत्यु के देवता माना जाता है। आप जानते हैं कि भगवान यम को नर्क का देवता कैसे बनाया गया। शायद आपको इसकी जानकारी नहीं होगी तो कोई बात नहीं चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।हिंदू पौराणिक कथाओं और मान्यताओ मे, भगवान यम को मृत्यु के बाद के शासक के रूप माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान यम एक ऐसे व्यक्ति थे जिनकी मृत्यु सबसे पहले हुई थी। जिस वजह से मृत्यु के स्वामी के नाम से जाना जाता है। भगवान यम सूर्य देव के पुत्र हैं।शिव के आशीर्वाद से यम ने पापियो को दंड देने के लिए नरक की रचना की। भगवान यम लोगों के कर्म को देखकर उन्हें दंड देने का निर्धारण करते हैं यदि कोई व्यक्ति पुण्य का काम करता है तो उन्हें स्वर्ग देते हैं और यदि कोई व्यक्ति पाप करता है तो उसे नर्क देखना पड़ता है।

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