लोग अपने आप में कुछ बुरी आदतें कैसे विकसित करते हैं? - letsdiskuss
Official Letsdiskuss Logo
Official Letsdiskuss Logo

भाषा


गीता पांडेय

head cook ( seven seas ) | पोस्ट किया |


लोग अपने आप में कुछ बुरी आदतें कैसे विकसित करते हैं?


0
0




Content Writer | पोस्ट किया


बहुत अच्छा सवाल हैं आपका- वाकई में बहुत से लोग अपने आप में बहुत सी बुरी आदतें खुद से विकसित करते हैं | वैसे हम किसी और को क्यों कहें कई जगह तो हम खुद ही अपने आप में बुरी आदतें विकसित कर लेते हैं | कुछ लोग मस्ती मजाक में ,कुछ लोग अपने passion के कारण,और कुछ लोग ज़िंदगी से दुखी होकर भी ऐसा कर लेते हैं |

आइये कुछ कारण जानते हैं की क्यों लोग अपने जीवन में बुरी आदतों को विकसित कर लेते हैं -

- मैं सबसे खास हूँ :-
कुछ लोग अपने आप को सबसे ख़ास समझते हैं | जिन लोगों में "सिर्फ मैं" की भावना आती हैं वो लोग अपनी ज़िंदगी में ग़लतफेहमी के शिकार होते हैं ,और लोग अक्सर ऐसे लोगों के पीठ पीछे उन पर हस्ते हैं ,उनका मज़ाक बनाते हैं |

- मेरे लिए ये नौकरी सही नहीं :-
जो लोग काम की तुलना अपने अभिमान से करते हैं ,वो लोग ज़िंदगी में कभी सफल नहीं होते ,और वो अपने आपको लेकर एक ऐसी बुरी आदत को विकसित कर लेते हैं,जिसके अंतर्गत उनको ये लगता हैं कि उनके लायक कोई काम नहीं | आपको बता दें इंसान बड़ा नहीं होता ,उसका काम बड़ा होता हैं |

- समय से कम सोना :-
कुछ लोग काम को लेकर इतने भावुक होते हैं कि वे अपने आपको ही भूल जाते हैं | ऐसे लोग जीवन में प्रसिद्धि तो जरूर पा लेते हैं पर वो अपनी उम्र से दूर हो जाते हैं | मानव शरीर को कम से कम 8 घंटे कि नींद जरूर लेना चाहिए | आप अगर ऐसा नहीं करते हैं,तो आप ये सबसे बुरी आदत अपना रहें हैं,जो आपको सिवा परेशानी के कुछ नहीं देने वाला |

-सोशल मीडिया के साथ अधिक जुड़ाव :-
वर्तमान समय में सभी को लगता हैं ,अगर update या active रहना हैं तो social media (Face Book,इंस्टाग्राम,Twitter) सबसे अच्छा साधन हैं इसके लिए ,पर हम ये भूल जाते हैं कि जब हम social media से जितना भी जुड़े रहें हमें उससे कुछ नहीं मिलने वाला | हम बस अपना समय बर्बाद ही कर रहें हैं |

- बहुत अधिक TV देखना :-
ये आज कल के यूथ और बच्चो कि सबसे बड़ी और बुरी आदत हैं ,अधिक समय तक TV देखना | ज्यादा TV देखना अच्छा नहीं होता ,न स्वास्थ के लिए और न ही मानव स्वाभाव के लिए |
Letsdiskuss


0
0

Picture of the author