दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं की नीट का एग्जाम बहुत टॉप लेवल का एग्जाम होता है और इस एग्जाम को पास करने के लिए बहुत सारी मेहनत करने की आवश्यकता होती है। नीट का पेपर लगभग 700 अंकों का आता है और 700 अंकों में नेगेटिव मार्किंग भी होती है,मतलब कि अगर आपका एक आंसर गलत होता है तो उसके बदले आपके दो अंक काट लियें जाएंगे। यह तो बात हुई पेपर कितने अंको का आता है। चलिए अब हम आपको बताते हैं कि नीट का एग्जाम पास करने के लिए कितने अंक आना जरूरी है।नीट का एग्जाम पास करने के लिए अलग-अलग कैटेगरी के लिए अलग-अलग मार्क्स रखे गए हैं।
चलिए हम सभी कैटिगरी के मार्क्स की बात करते हैं।
अगर सामान्य वर्ग के छात्रों की बात की जाए तो उनके लिए नीट का एग्जाम पास करने के लिए कम से कम 610 से ऊपर अंक लाने होंगे।
अगर समान वर्ग के छात्रों के 610 से ऊपर नंबर आ जाते हैं तो उन्हें एमबीबीएस के लिए और अन्य कोर्स में बिना कोई दिक्कत के एडमिशन मिल जाएगा।
वहीं अगर ओबीसी छात्रों की बात की जाए तो ओबीसी छात्रों को नीट का एग्जाम क्लियर करने के लिए 600 या 600 से ऊपर नंबर लाना होगा तभी उन्हें एमबीबीएस और अन्य कोर्स में एडमिशन मिल सकता है।
एससी वर्ग के छात्रों को नीट का एग्जाम पास करने के लिए 550 या 550 से ऊपर नंबर लाना होगा। यदि एससी वर्ग के छात्र 550 से अधिक नंबर लाते हैं तो उन्हें बिना कोई दिक्कत के एमबीबीएस और अन्य कोर्स में एडमिशन मिल जाएगा।
एसटी वर्ग के छात्रों की बात की जाए तो उन्हें नीट का एग्जाम क्लियर करने के लिए 500 से अधिक नंबर लाना होगा तभी उन्हें एमबीबीएस की पढ़ाई और अन्य कोर्सों की पढ़ाई के लिए एडमिशन मिल सकता है।
चलिए हम आपको बताते हैं की नीट का एग्जाम पास करने के बाद आपको क्या करना पड़ता है।
जैसा कि मैं आपको बताया है कि अगर आप नीट का एग्जाम पास कर लेते हैं तो आपको एमबीबीएस की पढ़ाई करनी पड़ती है या डॉक्टर की पढ़ाई से संबंधित कोई भी कोर्स आप कर सकते हैं। अगर आपकी एमबीबीएस की पढ़ाई पूर्ण हो जाती है तो आप एक अच्छे गवर्नमेंट डॉक्टर बन सकते हैं।


