Sports में bright future usually उन्हीं लोगों का बनता है जिनमें talent के साथ discipline और consistency भी हो। आजकल cricket के अलावा badminton, athletics, football, esports, kabaddi और wrestling जैसे fields भी तेजी से grow कर रहे हैं। Social media और leagues की वजह से opportunities पहले से काफी बढ़ गई हैं। लेकिन competition भी बहुत ज्यादा है। सिर्फ talent काफी नहीं होता, fitness, mental strength और proper coaching भी जरूरी होती है। Honestly, sports career risky जरूर हो सकता है लेकिन सही dedication हो तो आज opportunities पहले से कहीं ज्यादा हैं।
खेल के साथ कैसे बनेगा उज्जवल भविष्य ?
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पुराने समय में खेल को लेकर सभी कि एक गलत अवधारणा बनी थी | सबको लगता था के सिर्फ पढाई करने पर ही भविष्य है | पढाई कर के ही इंसान सफल बन सकता है उसका भविष्य केवल पढाई में ही है | "पढोगे लिखोगे बनोगे नवाब,खेलोगे कूदोगे बनोगे ख़राब" यही बात लेकर सब अपने बच्चो कि सिर्फ पढाई में ही जोर देते थे | “खेलो इंडिया स्कूल गेम” ने लोगो कि इस अवधारणा को बदल दिया है |अब पढाई के साथ-साथ बच्चो का भविष्य खेल भी बना रहा है |
खेल और युवा मामलों के मंत्रालय राष्ट्रीय खेल संघ (एनएसएफ) के लिए रैंकिंग प्रणाली पेश करने की योजना बना रहे हैं | वह रैंकिंग महासंघों की प्रशासनिक क्षमता, पारदर्शिता प्रतिभा, खेलने की क्षमता और एथलीटों के पदक गिनती पर आधारित होगी |खेल मंत्रालय इस उद्देश्य के लिए समिति की स्थापना करेगा और इस समिति में खेल प्रशासकों, खिलाड़ियों और अन्य क्षेत्रों से कई पेशेवर लोग शामिल होंगे, जिनमें चार्टर्ड एकाउंटेंट और प्रबंधन पूर्व शामिल हैं |
खेलो इंडिया स्कूल गेम्स (केएसजीजी) का उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 31 जनवरी से 8 फरवरी, 2018 को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया था | यह खेल भारत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया था और इसका उद्देश्य देश के युवा और होनहार एथलीटों को प्रदर्शन करने के लिए उत्कृष्ट लांचपैड प्रदान करना है |
