जी है दोस्तों आप बिना कोचिंग के भी IAS कर सकते हैं। पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है क्योंकि जरूरी नहीं होता है की जब आप कोचिंग करें तभी आप आईएएस एग्जाम पास कर सकते हैं। आप घर पर रहकर भी आईएएस की पढ़ाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको पढ़ाई करने के लिए कुछ नियम बनाने होंगे, जैसे कि आप कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 तक की एनसीईआरटी की किताबों को पढ़कर उनसे ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा करंट अफेयर्स के लिए आप रोजाना हिंदी और अंग्रेजी के अखबार पढ़ सकते हैं। इसके अलावा आप इंटरनेट की सहायता से आईएएस में पूछे जाने वाले प्रश्नों का अध्ययन कर सकते हैं।
IAS की तैयारी बिना कोचिंग के कैसे करें?
Join this conversation
आईएएस की तैयारी बिना कोचिंग के हम खुद से कर सकते है, इसके लिए हमें 6 क्लास से 12क्लास तक के एनसीआरटी बुक पढ़कर कर सकते है, क्योकि 6 से 12 क्लास की बुको मे आईएएस से संबधित सिलबेस पढ़ने मिल जाता है।
इसके अलावा आईएएस की तैयारी के लिए बिना कोचिंग के बहुत से ऐसे ऑनलाइन प्लेटफार्म उपलब्ध है जैसे कि आईएएस बाबा यूपीएससी एंड प्रेपरेशन एप्प्स मे आईएएस से सबंधित इसमें प्रश्न होते है जिनको आप पढ़कर तैयारी कर सकते है।
दोस्तों यदि आप आईएएस की तैयारी बिना कोचिंग के कर रहे हैं तो आज इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि आईएएस की तैयारी बिना कोचिंग के कैसे कर सकते हैं। आईएएकी तैयारी के लिए सबसे पहले आपको सिलेबस के बारे में पता होना चाहिए। उसके बाद आपको एनसीईआरटी की बुक पढ़ना चाहिए क्योंकि एनसीईआरटी की बुक काफी हद तक सहायता करता है इस की तैयारी के लिए आपको खुद की नोट बनानी होगी जिससे आप मेन टॉपिक को लिख सकें क्योंकि आईएएस का सिलेबस बहुत ज्यादा ही बड़ा होता है मेन टॉपिक लिखने का फायदा है कि आप परीक्षा के समय अपने तीनों से पढ़ाई कर सकते हैं।

आईएएस की तैयारी बिना कोचिंग के करना चाहते है, तो आपक़ो आईएएस सिलेबस के मुख्य -मुख्य टॉपिक चुन लेना और नोट्स बनाकर उनमे मुख्य टॉपिक क़ो लिख कर बार -बार रिवीजन करना होगा तभी आप अच्छे से आईएएस की तैयारी कर पाएंगे क्योकि आईएएस का सिलेबस बहुत बड़ा है और आप पूरा सिलेबस का रिवीजन करेगे तो आपको ज्यादा समय लग जाएगा और आपकी तैयारी भी अधूरी रह जाती है।![]()
पहले तो ये समझ लेते है की वाइफ स्वैपिंग होती क्या ह ?
स्वैप करने का मतलब होता है अदला-बदली करना. वाइफ स्वैपिंग में या तो दो पुरुष या पुरुषों का समूह आपस में मिलकर अपनी पत्नियों की अदला बदली करता है. ये अधिकतर एक रात या दिन का अरेंजमेंट होता है. इसके बाद इसका ज़िक्र भी कोई नहीं करता. पहले एक हाई क्लास सोसाइटी का सीक्रेट मानी जाने वाली ये प्रैक्टिस अब मिडल क्लास तक भी पहुंच गई है. इसके बारे में ज्यादा जानकारी अवेलेबल नहीं है, सिवाय चंद ख़बरों के.

नई दिल्लीः देश की राजधानी दिल्ली में wife-swapping के खेल बडे पैमाने पर खेला जा रहा है। युवा कपल इस काले खेल के प्रति आकर्षित भी तेजी से होते जा रहे है। एक स्टिंग ऑपरेशन में इस काले खेल का खुलासा हुआ हैं। जिसमें पति की रजामंदी से एक-दूसरे की वाइफ के साथ संबंध बनाए जाते है। कपल स्वैपिंग के इस खेल में देशभर के करीब 15 से 20 हजार कपल शामिल है।
wife-swapping का यह खेल कुछ बड़ी पार्टियों में भी खेला जाता हैं। इस पार्टी में पार्टनर सेलेक्ट करने का तरीका भी अनोखा होता है। पार्टी के सारे मर्द अपनी गाड़ियों की चाबी एक बाउल में डाल देते हैं। इसके बाद सभी महिलाएं आंखों पर पट्टी बांधकर बाउल से चाबी निकालती है। महिला के पास जिस पुरूष की गाड़ी की चाबी आती हैं, उसे उस पुरूष के साथ wife-swapping का यह खेल खेलना होता है।
और पढ़ें : वो हाउस वाइफ है इसका क्या अर्थ है ?
क्या आईएएस बनने के लिए कोचिंग जरूरी है? क्या सभी आईएएस बने लोग कोचिंग के सहारे ही शिखर पर हैं? क्या कोई सामान्य व्यक्ति कोचिंग के बिना तैयारी नहीं कर सकता? क्या कोचिंग इसके लिए बहुत जरूरी है?


