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Medha singh kapoor· 7 years ago
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अगर किसी का दिल टूट जाएँ तो उसे खुद को कैसे संभालना चाहियें?

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Answered on12/14/22

अगर किसी व्यक्ति का दिल टूट जाता है तो उसे अपने आप को खुश करने के लिए किसी काम में व्यस्त कर लेना चाहिए। जिससे उसका मन लगा रहेगा और वह उस चीज को भूल जाएगा। व्यक्ति को हमेशा अपने ऊपर विश्वास रखना चाहिए और किसी के ठुकरा देने पर दुखी नहीं होना चाहिए। क्योंकि, जो होता है अच्छे के लिए होता है। उस व्यक्ति को अपना दुख दूर करने के लिए हमेशा छोटे बच्चों के पास खेलना चाहिए क्योंकि, बच्चों के पास रहने से सारे दुख दूर हो जाते हैं।Article image

preeti  patel
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Answered on04/02/23

यदि किसी का दिल टूट जाये तो खुद क़ो संभालना बहुत ही मुश्किल हो जाता है, क्योंकि जिससे हम प्यार करते है वही व्यक्ति हमें छोड़ कर चला जाता है तो ऐसे मे खुद क़ो संभालने के लिए हमें ज्यादातर अपनी फैमिली वालो और दोस्तों के साथ समय व्यतीत करना चाहिए।

जिस व्यक्ति ने आपका दिल तोड़ा है, उसके दिये हुये गिफ्ट तोड़ कर फेक दे, उसकी फोटो सब कुछ फाड़ कर फेक दे ऐसा करने से थोड़ी तकलीफ तो होंगी लेकिन कुछ समय बाद आप खुद क़ो अच्छी तरह से संभाल लेगे।Article image

S
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Mp

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Answered on12/14/22

आज के समय में लोग छोटी-छोटी बातों पर दुखी हो जाते हैं और जब वह दुखी हो जाते हैं तो उनका मन किसी भी काम को करने भी नहीं लगता है इसके अलावा जब कोई किसी के प्यार में पड़ता है और जब उसे प्यार में धोखा मिल जाता है तो उसका दिल टूट जाता है ऐसे में आज मैं आपको बताऊंगी की यदि आपका दिल टूट जाए तो आप अपने आप को कैसे संभाल सकते हैं।

दोस्तों यदि आपका दिल टूट जाए तो आप अपने आप को किताबों का सहारा यानी की किताब पढ़कर अपने आप को संभाल सकते हैं क्योंकि किताबों को पढ़ने से हमारा दुख कम हो जाता है।

इसके अलावा अपने आप को दुखी होने से बचाने के लिए आप लोगों के साथ अधिक से अधिक समय बताएं क्योंकि लोगों के साथ रहने से आपका दुख कम हो सकता है।Article image

Krishna Patel
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Updated on05/23/26

अक्सर देखा जाता है की दोस्ती हो या प्यार जब कोई इंसान आपसे दूर हो जाता है या फिर आपसे बातें करना बंद कर देता है तो आप कहते है की मेरा दिल टूट गया | कभी कभी हम सामने वाले इंसान से इतना अटैच्ड होते है की उसके हमारे जीवन से जाने का गम हमसे बर्दाश नहीं होता और हम बीमार पड़ जातें है खाना पीना छोड़ देते है यहाँ तक की कई लोग डिप्रेशन के शिकार भी हो जाते है | ऐसे में खुद को संभालना बहुत कठिन होता है और जीवन में हर दूसरा काम हमें उस व्यक्ति के बिना व्यर्थ लगने लगता है|

जब आपका दिल टूट जाएँ तो खुद को ऐसे संभालें - 

- किताबों का सहारा लें - 

आप कोशिश करें की आप ज्यादा से ज्यादा किताबें पढ़ें और और उनकों समझें इससे आपका ज्ञान भी बढ़ेगा और आप खुद को फ़िज़ूल की बातों से दूर रख पाएंगे | - ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच रहे -

जब आप खुद में अकेला महसूस करने लगती है तो आपको लगता है की आप अपना सारा समय अकेले बिताएं और आपको बता दूँ की यह सोच आपके लिए और आपकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है इसलिए अपना ज्यादा से ज्यादा समय आप लोगों के बीच बिताएं इससे आपका दिल लगा रहेगा और आप अकेला महसूस नहीं करेंगे और आप व्यर्थ की सोच से खुद को दूर रख पायेंगें |

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Updated on05/23/26

दिल टूटना एक बहुत ही भावनात्मक और कठिन अनुभव होता है। ऐसे समय में व्यक्ति को ऐसा लग सकता है कि सब कुछ खत्म हो गया है, लेकिन सच यह है कि यह दर्द समय के साथ धीरे-धीरे कम हो जाता है। खुद को संभालने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

सबसे पहले अपनी भावनाओं को स्वीकार करना चाहिए। अक्सर लोग अपने दर्द को छिपाने की कोशिश करते हैं, लेकिन इससे मन और ज्यादा भारी हो जाता है। अगर रोना आए तो रो लेना, अकेलापन महसूस हो तो उसे समझना—यह सब सामान्य है। भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें स्वीकार करना ही पहला कदम है।

दूसरा महत्वपूर्ण कदम है खुद को समय देना। किसी भी रिश्ते से बाहर निकलने में समय लगता है। तुरंत सब कुछ ठीक हो जाएगा, यह सोचना गलत होता है। धीरे-धीरे मन अपने आप शांत होने लगता है, बस धैर्य रखना जरूरी है।

तीसरा, खुद को व्यस्त रखना बहुत मदद करता है। जब मन खाली रहता है, तो पुराने विचार बार-बार आते हैं। इसलिए पढ़ाई, काम, खेल, संगीत, या किसी नए शौक में खुद को लगाना चाहिए। इससे ध्यान बंटता है और मन धीरे-धीरे मजबूत होता है।

चौथा, अपने करीबियों से बात करना बहुत जरूरी है। परिवार या भरोसेमंद दोस्तों से अपनी बात साझा करने से मन हल्का होता है। अकेले सब कुछ सहने की कोशिश करने से दर्द और बढ़ सकता है।

पाँचवां, सोशल मीडिया या पुरानी यादों से थोड़ी दूरी बनाना अच्छा रहता है। बार-बार पुरानी तस्वीरें या बातें देखने से घाव फिर से ताजा हो सकते हैं। इसलिए थोड़े समय के लिए दूरी बनाना बेहतर होता है।

इसके अलावा, खुद का ध्यान रखना भी जरूरी है—अच्छा खाना, पर्याप्त नींद और हल्का व्यायाम मन को संतुलित रखने में मदद करता है। जब शरीर स्वस्थ रहता है, तो मन भी धीरे-धीरे ठीक होने लगता है।

अंत में यह समझना जरूरी है कि हर दर्द के बाद एक नई शुरुआत होती है। समय सबसे बड़ा इलाज है। जो आज बहुत तकलीफ देता है, वही धीरे-धीरे एक सीख बन जाता है और इंसान को और मजबूत बना देता है।

क्या आप किसी अन्य रोचक विषय के बारे में जानना चाहते हैं? तो इसे देखें: ऑफिस में कैसे सबको खुद की तरफ आकर्षित करें 

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Dr. Aarav Gupta is a practising physician with over 8 years of clinical experience, specialising in general medicine and dermatology-adjacent wellness. He holds an MBBS from All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), New Delhi, and an MD in General Medicine from the same institution — credentials that place his health and beauty writing on a foundation of verified medical knowledge. His content covers evidence-based skincare, preventive health, nutrition, mental wellness, and the science behind beauty trends that are too often reported without clinical context. His work has been published on platforms including HealthShots, OnlyMyHealth, and Lybrate, where he contributes medical reviews, explainers, and practical health guidance grounded in current clinical evidence. With 8+ years of patient-facing practice behind his writing, Dr. Gupta brings a perspective that is rarely found in health and beauty content — one shaped by real clinical encounters, not just research papers. He is a registered member of the Indian Medical Association (IMA) and has spoken on health literacy and responsible medical communication at platforms including the India Health Summit. Across all his work, his standard remains consistent — every claim is grounded in medical evidence, every recommendation is one he would make to a patient, and no trend is reported without clinical scrutiny.

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