दुनिया में ऐसे कई देश है। जिनका अपना एक अलग इतिहास होता है। वैसे तो हम आमतौर पर हम जानते हैं कि कई देशों में राष्ट्रपति के चुनाव 4 या 5 सालों के अंतराल पर होता है। जैसाकि भारत में हर 5 साल में राष्ट्रपति चुना जाता है। लेकिन दुनिया का एक ऐसा देश भी है जहां हर साल नए राष्ट्रपति को चुना जाता है। स्विटजरलैंड एक ऐसा देश है जहां हर साल नए राष्ट्रपति का चुनाव होता है। यहां हर साल बदल जाते हैं राष्ट्रपति, हर साल चुने जाने वाले राष्ट्रपति का कार्यकाल 1 साल से ज्यादा नहीं होता हैं। इसके साथ ही चौंकाने वाली बात यह भी है कि यहां एक बार राष्ट्रपति बनने के बाद उसे दोबारा यह चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जाती हैं। स्विट्जरलैंड की फेडरल काउंसलिंग में साथ मेंम्बर होते हैं। हर साल इनमें से ही एक कैंडिडेट को राष्ट्रपति चुना जाता है। राष्ट्रपति को चुनने के लिए नेशनल काउंसलिंग के 200 सदस्य और काउंसलिंग ऑफ स्टेट क्या 46 मेंम्बर वोटिंग करते हैं। यहां राष्ट्रपति चुनने के लिए हर साल दिसंबर में संसद सत्र बुलाया जाता है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए यहां ऐसी व्यवस्था की गई है एक साथ स्विटजरलैंड से कैंडिडेट चुनाव जाएगा और अगले साल इस शहर से बाहर का कैंडिडेट होगा। स्विट्जरलैंड में फेडरल असेंबली और नेशनल काउंसलिंग का अध्यक्ष एक ही होता है। यह अध्यक्ष फेडरल मेंबर से बात करता है कि राष्ट्रपति पद के लिए किन्हें उम्मीदवार बनाया गया है साथ ही उनके नाम की घोषणा करता है। इसके बाद निम्न और उच्च सदन के मेंम्बर उनमें से किसी एक का नाम लिखकर बैलट बॉक्स में डालते हैं। वोटिंग के बाद सर्वाधिक मत पाकर राष्ट्रपति बनने वाले कैंडिडेट का नाम फेडरल काउंसलिंग का अध्यक्ष घोषित करता है। कुछ इस तरह स्विट्जरलैंड में हर साल नए राष्ट्रपति का चुनाव किया जाता है।









