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sahil sharma· 2 years ago
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क्या भारत देश में हर पांचवां बच्चा सोशल फोबिया का शिकार हो रहा है ?

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चलिए हम आपको बताते हैं कि हमारे भारत देश में क्या हर पांचवा बच्चा सोशल फोबिया का शिकार है।

मैं आपको बता दूं कि कोरोना के बाद 43% लोगों में बढ़ा सोशल फोबिया :-

WHO की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया भर के अलग-अलग देश में सोशल फोबिया से करोड़ों लोग जूझ रहे हैं।और हमारे भारत देश में सन 2017 दिसंबर से जनवरी सन 2018 के बीच पुडुचेरी के ग्रामीण इलाकों के 1018 स्कूली बच्चों पर स्टडी की गई है जिसमें से 10 से 13 साल के बीच के बच्चे 738 बच्चे सोशल फोबिया की शिकार पाए गए हैं। जिनमें से केवल 520 लड़के थे यानी की लड़कियों की संख्या कम थी। यानी कि इसके द्वारा इस बात का सीधा पता लगता है कि हमारे भारत देश में हर पांच बच्चे के बीच एक बच्चा सोशल फोबिया का शिकार है।

मैं आपको बता दूं कि आप में विश्वास की कमी की वजह से होता है सोशल फोबिया :-

मनोचिकित्सक डॉक्टर सक्सेना बताती है कि बाकी लोगों के मुकाबले सोशल फोबिया के शिकार लोगों में आत्मविश्वास की कमी और डर की वजह से अधिक होता है। ऐसे लोगों में कुछ भी करने से पहले ही एंजायटी होने लगती है। मैं आपको बता दूं कि सोशल फोबिया जेनेटिक या फिर आसपास के माहौल की वजह से भी हो जाता है।

चलिए हम आपको बताते हैं कि सोशल फोबिया होने पर किस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं:-

  • भीड़ वाली जगह पर बोलने में घबराहट होना।
  • लोगों से मिलने जुलने में शर्मिंदगी महसूस करना।
  • पार्टी में अकेले में ज्यादा समय बिताना।
  • आंखों में आंख मिलाकर बोलने से बचाना।

इस प्रकार ऐसे बहुत से लक्षण दिखाई देते हैं जब किसी को सोशल फोबिया होता है तो इसलिए समय रहते इसका उपचार करना जरूरी है नहीं तो आगे चलकर यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है।

Letsdiskuss

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Answered on01/06/24
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