बीजेपी सरकार के 5 साल के कार्यकाल में ऐसी ऐसी घटनाएं घटी जो इतिहास में पहली बार ही घटती थी| अब मोदी के नाम एक और नया कारनामा जुड़ गया है ऐसा पहली बार हुआ जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के प्रधानमंत्री ने एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया हो| 5 साल के बाद एक बार जब प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो उसमें जवाब ही नहीं देना था तो प्रेस कॉन्फ्रेंस क्या? उपलब्धि गिनाने के लिए ही किया था| ऐसी आकांशा जताई जा रही है कि शायद नरेंद्र मोदी ने मौन व्रत रखा हुआ था| प्रधानमंत्री से एक सवाल पूछा गया उसका जवाब था अध्यक्ष जी जवाब देंगे|
वैसे तो प्रधानमंत्री रैलियों में हमेशा लंबा भाषण देते रहते हैं क्योंकि उनके पास बकायदा भाषण लिखकर देने वाला सैलरी पर एक राइटर रखा होता है| लेकिन उनकी मजबूरी थी कि वह एक भी सवाल का जवाब नहीं दे सकते थे क्योंकि भरी सभा में कौन सा पत्रकार क्या सवाल पूछ ले. यह भी उनके लिए डरने वाली बात थी| इंटरव्यू में आपने देखा होगा कि मोदी जी बहुत कुछ बोल जाते हैं क्योंकि इंटरव्यू में पहले से ही सवाल और जवाब तय होते हैं लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसा नहीं होता जिस वजह से नरेंद्र मोदी ने एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया और उनके चहेते अमित शाह ने पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया| और मोदी सिर्फ इधर-उधर देख रहे थे ऐसा लग रहा था जैसे अपनी जिंदगी में कभी इतनी भारी संख्या में पत्रकारों को देखा ही नहीं हैं| देखेंगे भी कैसे पहली बार तो प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं|
