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Dec 19, 2025news-current-topics

में ये जानना चाहती हूँ,जब किसी के द्वारा किया गया कोई संगीन गुन्हा साबित हो जाता है तो उसको सीधा फांसी क्यों नहीं दी जाती ? क्यों उसको जेल में रख कर सरकार का पैसा बर्बाद किया जाता है ?

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@kanchansharma3716Dec 19, 2025
नमस्कार प्रिया जी, स्वागत है आपका और आपके सवाल का हमारी वेबसाइट में ,आपका सवाल कबीले तारीफ है ,क्योकि आपके इस सवाल से बहुत से लोग इत्तेफाक रखते होंगे,क्योकि आपका सवाल बहुत ही सही है |
 
प्रिया जी ये भारत है और यहाँ भारत की सरकार चलती है, यहाँ हर समस्या को तब तक महत्वपूर्ण नहीं समझा जाता जब तक की उस समस्या से किसी का बुरा न हो जाए या देश में मोमबत्ती लेकर न निकला जाए ,या फिर दंगे न हो जाए ,तबाही न हो जाए ,तब तक सरकार को न तो कुछ दिखाई देता है और न ही सुनाई नहीं देता | भारत सरकार की आदत है ,अगर किसी गुनेहगार का संगीन से संगीन गुनाह साबित भी हो जाए तो भी उसको सीधा सजा नहीं होती |
 
जैसे - 26/11/2008 को हुआ मुंबई "होटल ताज" का आतंकी हमला | जो लोग आज भी नहीं भूल सके | कितना बड़ा आतंकी हमला हुआ ,कितना नुक्सान हुआ इस हमले में ,उसके बाद इस गुनाह को अंजाम देने वाला गुन्हेगार पकड़ा भी गया ,पर हुआ क्या ? ये सभी जानते है | अदालत ,पेशी ,कोर्ट ,हाई कोर्ट ,सुप्रीम कोर्ट ,फिर 21/11/2012 को सजा के रूप में फांसी | 2008 से 2012 तक जो "कसाब" को जेल में रखा उसको खिलाया उस पर सरकार ने इतना खर्चा किया |
 
यही है भारत सरकार ,और अब फिर वही कर रही है | नाबालिग से रेप के आरोपी आसाराम बापू को जोधपुर की अदालत ने दोषी करार दे दिया फिर कोर्ट ने आसाराम को उम्र कैद की सजा सुनाई है। रेप कोई छोटा गुनाह नहीं संगीन गुनाह है | इसके लिए सजा भी संगीन होनी चाहिए | ऐसे गुनाह करने वालो से जेल भर दो ,उनको खाना खिलाओ ,उनके लिए सरकार खर्चा करती रहे | देश में बहुत लोग है जिनको 2 वक़्त की रोटी नसीब नहीं हो रही है | सरकार ऐसे लोगो को क्यों नहीं देखती |
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@kanchansharma3716Dec 19, 2025

सही कहा ,अगर संगीन गुनाह साबित हो जाता है तो सजा के तोर पर मौत ही दी जाए | क्यों ऐसे लोगो से लिए जेल भरना है,और इन मुजरिमो पर होने वाला खर्चा सरकार जनता से वसूल करती है | महंगाई बढ़ा कर वो सब जनता से वसूल किया जाता है | इसलिए संगीन जुर्म के लिए सिवा मौत के और कोई सजा बेहतर नहीं |

जुर्म अगर रेप जैसा हो फिर तो न माफ़ी,न ही पेशी बस सजाए मौत ही दी जानी चाहिए | ताकि ऐसे गुनाह की सजा का डर सबके मन में हो और ऐसा गुनाह करने का ख्याल भी किसी के मन में न आए |

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@krishnapatel8792Jul 26, 2023

जी प्रिया जी आपने बहुत ही अच्छा सवाल किया है आपका सवाल है कि यदि किसी के द्वारा संगीन अपराध किया जाता है तो उसे सीधे तौर पर सरकार को फांसी की सजा दी जानी चाहिए ना कि उसे जेल में रखकर सरकार का पैसा बर्बाद करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से ना केवल लोगों को सीख मिलेगी बल्कि लोग आगे चलकर इस तरह के अपराध करने से पहले 4 बार सोचेंगे इसलिए मैं आपसे निवेदन करना चाहती हूं कि भारत सरकार को यदि कोई अपराध करता है तो उसे फांसी की सजा देनी चाहिए ना की जेल में रखकर समय की बर्बादी और पैसों की बर्बादी नहीं करनी चाहिए।

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