आज के समय में लोग पूजा करवाने के लिए पंडित को बुलाते हैं लेकिन जब उन्हें दक्षिणा देने की बारी आती है तो कहने लगते हैं कि पंडित जी दक्षिणा बहुत अधिक लेते हैं यह बात कहना बिल्कुल ही गलत है क्योंकि किसी भी यज्ञ पूजा को करवाने के बाद दक्षिणा देना शुभ माना जाता है क्योंकि दक्षिणा दिए बिना किसी यज्ञ को सफल नहीं माना जाता कहा जाता है कि दक्षिणा यज्ञ देव की पत्नी होती है इसलिए जब भी आप पूजा-पाठ करवाएं तो पंडित जी को दान दक्षिणा अवश्य करें तभी आपकी पूजा सफल होगी।
-पंडित जी बहुत दक्षिणा लेते है- क्या ये कहना सही है ?
Join this conversation
पंडित जी बहुत दक्षिणा लेते है यह कहना बिल्कुल गलत है क्योंकि आज के समय हर एक व्यक्ति अपना खर्चा निकालने के लिए कुछ न कुछ काम करता ही है इसी तरह पंडित लोग भी शादी करवाते है कथा, पूजा -पाठ करवाते है और दक्षिणा लेते है। पंडित लोगो के जीवन मे पूजा -पाठ करवाने का सौभाग्य बड़ी मुश्किल से मिलता है ताकि वह भी इस सौभाग्य से पैसे कमा सके।
![]()
पंडित जी अधिक दक्षिणा लेते हैं क्या यह कहना गलत है या सही तो मैं आपको बता दूं कि आज की इस दुनिया में हर काम का अपना एक अलग ही मोल होता है। पंडित जी भी अपना जीवन यापन करने के लिए हर किसी के घर में शादी या पूजा पाठ करवाते हैं। जिससे उनके परिवार का जीवन यापन होता है और वह अपने काम के ही पैसे लेते हैं। इसलिए यह बात बहुत ही गलत होती है कि पंडित जी अधिक दक्षिणा लेते हैं। क्योंकि व्यक्ति हर एक चीज में बहुत ही पैसा देता है।लेकिन जब पंडित को पैसा देता है तो उसको लगता है कि वह अधिक ले रहा है।
बहुत से लोग कहते है कि पंडित जी बहुत दक्षिणा लेते है, लेकिन ये कहना बिल्कुल सही नहीं है क्योंकि सभी लोग अपना पेट पालने के लिए कुछ न कुछ काम करके पैसे कमाते है। वैसे ही पंडित भी अपने बच्चो का पेट पालने के लिए शादी करवाता है, पूजा -पाठ करवाता है तो दक्षिणा अधिक लेता है और वही दूसरी ओर पंडित लोग मंदिरो मे आरती करके पैसे और भगवान की दुआ दोनों कमाते है।
पंडित जी बहुत दक्षिणा लेते है, ये कहना बिल्कुल भी सही नहीं है | कई कारण है इस बात को ग़लत साबित करने के कि "पंडित जी बहुत दक्षिणा लेते है " | आज के समय में कई लोग भगवान को नहीं मानते मगर फिर भी जब भी कोई दुःख उनको आता है, तो भगवान को दोषी ठहराते हैं | आज के लोग डोमिनोज़, पिज़्ज़ा हट में जाकर पीज़ा खाते हैं, जो नहीं खाया जाता है, उसको फेंक देते हैं, मगर किसी जरूरत मंद को नहीं देते |


