(courtesy : rahulmundra )
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जी हां बिल्कुल जिस तरह से पुरुषो के लिए आईपीएल जैसे टूनामेंट आयोजित किये जाते है ठीक उसी तरह महिलाओ के लिए भी आईपीएल टूनामेंट होना चाहिए ये महिलाओ के साथ नाइंसाफी हो रही है एक तरह से देखा जाये तो पुरुषो, महिलाओ मे भेदभाव किया जा रहा है।
सही मायनो मे महिलाओ के लिए भी आईपीएल जैसे टूनामेंट होने चाहिए क्योकि महिलाएं भी पुरुषो से कम नहीं है, यदि आईपीएल महिलाएं खेले तो वह देश का नाम रोशन जरूर करेगी और उनकी भी आईपीएल मे अलग ही पहचान बनेगी।
हाँ, महिलाओं के लिए भी आईपीएल जैसा बड़ा टूर्नामेंट होना चाहिए और अब भारत में Women’s Premier League (WPL) इसकी शुरुआत का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। ऐसे टूर्नामेंट से महिला खिलाड़ियों को पहचान, अच्छे अवसर और आर्थिक मजबूती मिलती है। इससे युवा लड़कियों को भी खेलों में करियर बनाने की प्रेरणा मिलती है। पहले महिलाओं के क्रिकेट को उतना महत्व नहीं मिलता था, लेकिन अब लोगों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। बड़े मंच मिलने से talent सामने आता है और खेल का स्तर भी बेहतर होता है। वास्तव में, पुरुष और महिला दोनों खिलाड़ियों को समान अवसर मिलना खेल और समाज दोनों के लिए सकारात्मक माना जाता है।
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