संस्कृत हमारे भारत देश की प्राचीन भाषा थी, इसे देव भाषा भी कहा जाता है। संस्कृत भाषा हिंदू धर्म और जैन धर्म,बौद्ध धर्म,सिख धर्म में संचार पारंपरिक साधन रही है। संस्कृत साहित्य प्राचीन, कविता नाटक,धार्मिक ग्रंथो में दार्शनिक कथाओं में इस्तेमाल होने वाली विशेषाधिकार भी प्राप्त है। वर्तमान में भारत देश में ऐसे, भी गाँव है जहां अभी भी संस्कृत भाषा हुए बोली जाती है। यह गाँव कर्नाटक शिवमोग्गा के पास मात्तुर गांव और मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले मैं झिरी गांव के सभी लोग संस्कृत भाषा बोलते हैं। दोनों गांव के लोगों के लिए संस्कृत प्राइमरी लैंग्वेज है। गांव के हर दुकानदार,महिलाएं, किसान, यहां तक बच्चे भी की संस्कृत भाषा बोलते हैं। दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा को इन लोगों ने अपना रूटीन में शामिल कर लिया है। यह गाँव कर्नाटक में तो दूसरा मध्य प्रदेश में स्थित है। जहां के लोग लोकल लैंग्वेज को छोड़कर संस्कृत भाषा को अपना लिया है। संस्कृत एक हिंद -आर्य भाषा है।कर्नाटक की सामान्य भाषा कन्नड़ है। लेकिन वहां के लोग संस्कृत बोलना पसंद करते हैं।मात्तुर गाँव भारत के संस्कृत भाषी गाँव के लिए जाना जाता है। वह लोग संस्कृत को अपनी मूल भाषा मान चुके हैं। हमारे ग्रंथो को भी संस्कृत भाषा से ही लिखा गया है। संस्कृत भाषा को बहुत महत्व दिया गया है। वर्तमान में संस्कृत भाषा धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रही है।
