आपको पता नहीं होगा कि झूठ पकड़ने वाले यंत्र को क्या कहते हैं तो कोई बात नहीं आज मैं आपको यहां पर बताऊंगी कि झूठ पकड़ने वाले यंत्र को क्या कहते हैं। झूठ पकड़ने वाले यंत्र को पॉलीग्राफ टेस्ट या लाई डिटेक्टर के नाम से भी जाना जाता है। इस यंत्र की खोज जॉन अगस्तस लार्सन में सन 1921 में की थी। इस मशीन का इस्तेमाल यदि कोई व्यक्ति झूठ बोलता है तो सच पता करने के लिए किया जाता है। इस मशीन को इस्तेमाल करने का तरीका यह होता है कि यदि व्यक्ति टेस्ट के दौरान झूठ बोलता है तो उसका ब्लड प्रेशर, सांस लेने की गति, और पल्स रेट बढ़ने लगता है ऐसे में हम पता लगा सकते हैं कि अगला व्यक्ति झूठ बोल रहा है।
झूठ पकड़ने वाले यंत्र को क्या कहते है?
झूठ पकड़ने वाले यंत्र को पॉलीग्राफ कहते है, इस यंत्र की खोज सर्वप्रथम जॉन अगस्तस लार्सन 1921 ई मे की थी।
झूठ पकड़ने वाले पॉलीग्राफ यंत्र का उपयोग ज्यादातर किसी अपराधी से सच बोलवाने के लिए किया जाता है, किसी व्यक्ति ने कोई अपराध किया है और वह अपने अपराध को छुपाने के लिये झूठ पे झूठ बोलता जा रहा है तो ऐसे मे अपराधी से सच बोलवाने के लिए पॉलीग्राफ यंत्र का उपयोग किया जाता है।

दोस्तों हम अपने माता-पिता से बहुत से झूठ बोलते हैं। पर एक झूठ पकड़ने वाला यंत्र भी है पर क्या आप जानते हैं कि झूठ पकड़ने वाले यंत्र को क्या कहते हैं यदि नहीं जानते तो चलिए हम आपको बताते हैं झूठ पकड़ने वाले यंत्र को पॉलीग्राफ कहते हैं। यह एक ऐसा यंत्र है जो झूठ पकड़ने में माहिर होता है इसका उपयोग अधिकतर अपराधी से सच बुलवाने के लिए किया जाता है। जब किसी इंसान का सच पकड़ने के लिए इस मशीन का उपयोग किया जाता है तो यह इंसान के अंदर होने वाली हलचल के कारण झूठ को पकड़ लेती है। और यह बताती है कि इंसान झूठ बोल रहा है।

झूठ पकड़ने वाले यंत्र क़ो पॉलीग्राफ कहा जाता है, इस यंत्र का उपयोग पुलिस मुजरिमो से सच बोलवाने के लिए प्रयोग करती है, क्योंकि यह कोई मामूली यंत्र नहीं जिसका उपयोग कोई आम इंसान नहीं कर सकता है। पॉलीग्राफ यंत्र खरीदने मे काफ़ी अधिक पैसा लगता है,पॉलीग्राफ यंत्र कुर्सी की तरह दिखायी देता है, इस यंत्र मे बहुत सी तार लगी होती है, कुर्सी जैसा दिखने वाला यंत्र मे झूठ बोलने वाले मुजरिम क़ो बैठाया जाता है और उससे प्रश्न किया जाता है वह झूठ बोलता है तो पॉलीग्राफ यंत्र आलर्म बजता है जिससे झूठ और सच का पता चल जाता है।
