H
Himani Saini· 2 years ago
Simplifying learning through practical guides, educational resources, and easy-to-understand explanations.

कोल्ड वेव क्या होती है

14
190

Join this conversation

Sort By

सर्दियों का मौसम जितना सुहाना होता है उतना तकलीफ भी देता है। कम ठंड सभी सहन कर लेते है लेकिन जब अत्यधिक ठंड पड़ने लगती है तो हम लोग घबरा जाते है।

 

सर्दियों के मौसम में जब तापमान 10 डिग्री से गिर कर 07 से 06 पर आ जाता है और ठंडी ठंडी हवाएं चलने लगती है तो से कोल्ड वेव कहते है।

इसे शीत लहर भी कहते है। यह आम तौर पर 1 सप्ताह या उससे ज्यादा दिन रह सकती है ।

शीत लहर से शरीर को कई प्रकार के नुकसान भी होते है। यह सभी उम्र के लोगो के लिए घातक साबित होती है।

 

आइये शीत लहर से होने वाले नुकसान -

  • शीत लहर से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
  • इससे सर्दी जुखाम , बुखार जैसी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता हैं।
  • मवेशियों के लिए यह सबसे बुरी होती है ज्यादा ठंड बर्दाश्त नही सकने के कारण वह मर जाते है।
  • ठंड ना सहन कर सकने के कारण कई बुजुर्गो की भी मृत्यु हो जाती है।
  • हाइपोथेमिया जैसी गंभीर बीमारी होने का खतरा बना रहता है ।
  • कई तरह की फसले बर्बाद हो जाती है।
  • इम्युनिटि कम हो जाती है जिससे बीमार होने का खतरा बढ़ जाता हैं ।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाने से अटैक आने की संभावना बढ़ जाती हैं।
  • सर्दियों का मौसम अस्थमा के रोगियों के लिए काफी कठिन समय होता है। इस समय उन्हे सांस लेने में काफी समस्या होती हैं।

 

हर साल कोल्ड वेव जोरों की होती है और कई तरह के नुकसान भी होते है। किसानो की फसले बर्बाद हो जाती हैं तो कई को गंभीर बिमारियाँ हो जाती है।

शीत लहर का सबसे ज्यादा प्रकोप उत्तर भारत के मैदानी इलाको मे ज्यादा होता है। इसके अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, झारखंड, हिमाचलप्रदेश आते है।

 

अभी भी कोल्ड वेब का कहर जारी है। इससे बचाव बहुत जरूरी है।

 

Letsdiskuss

 

Answered by
komal Solanki
View Profile
Answered on01/20/24
5

आज हम आपको बताते हैं कि कोल्ड वेव क्या होता है। सर्दियों के मौसम में जब ठंडी हवा तेजी से चलने लगती हैं, तापमान में तेजी से गिरावट होने लगते हैं तब इस स्थिति को शीत लहर कहते हैं या कोल्ड वेव भी कहते हैं। आसान शब्दों में कहे तो सर्दी के मौसम में जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से लेकर 4 से 5 डिग्री नीचे चला जाता है तो इसे शीत लहर या कोल्ड वेव कहा जाता है।

 

 चलिए जानते हैं कि शीतलहर खतरनाक क्यों होती है -

 जब किसी जगह का तापमान करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच जाता है तो उसे सीवियर कोल्ड वेव कहा जाता है। ऐसी स्थिति मे शरीर को कई तरह से नुकसान हो सकता है कड़ाके की सर्दी की वजह से जान भी जा सकती है। शीतलहर को तापमान और अवधि के हिसाब से मापा जाता है तो शीत लहर लंबे समय तक चले और तापमान में भी भारी गिरावट हो उसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। इस दौरान लोगों के शरीर के ह्यूमन सिस्टम पर बुरा असर पड़ता है और साथ ही जान माल का नुकसान भी हो सकता है।

 

Letsdiskuss

 

 चलिए अब हम आपको बताते हैं कि शीतलहर के नुकसान या कोल्ड वेव के :-

 ह्यूमन सिस्टम कमजोर होने लगता है।

 सर्दी में अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है।

 शीतलहर जानलेवा होती है, कई मौते भी हो जाती है।

कई तरह की बीमारियां बढ़ने लगते हैं।

 फसले बर्बाद होने लगते है।

 चलिए अब हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शीत लहर आती क्यों है -

जब तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच जाए। आसमान साफ रहे लेकिन ऊष्मा को कमी होने पर तापमान में तेजी से गिरावट हो।

 

Article image

 

 

Answered by
Poonam Patel
View Profile
Answered on11/17/24
1