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Educationमिल्खा सिंह को क्या कहा जाता है?
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| Updated on January 18, 2024 | education

मिल्खा सिंह को क्या कहा जाता है?

2 Answers
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@komalsolanki9433 | Posted on January 16, 2024

मिल्खा सिंहभारत के महान एथलीट मे से एक थे। उन्होंने भारत के धावको मे अपना नाम पूरी दुनिया में फैला दिया था।

मिल्खा सिंह का जन्म29 नवम्बर 1929को पाकिस्तान के एक सिख परिवार में हुआ था। मिल्खा भारतीय सेना में 1951 में भर्ती हुए। उनके जस्बे और काबिलियत सहरानीय थी। बहुत ही कम उम्र में उन्होंने अपना नाम बना लिया था।

मिल्खा सिंह ने 1962 को भारतीय महिला वॉलिबॉल टीम की कप्ताननिर्मित कौरसे शादी की। निर्मित और मिल्खा के चार बच्चे है जिसमे 3 बेटियाँ और 1 बेटा है।

मिल्खा ने 1958 में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था यह आज़ाद भारत का पहला गोल्ड मेडल के लिस्ट मे दर्ज है।

मिल्खा सिंह को "फ्लाइंग सिख" कहा जाता है।

  • फ्लाइंग सिख नाम के पीछे एक छोटी सी कहानी है -
  • मिल्खा पाकिस्तान के बटवारे के कभी भी पाकिस्तान नही जाना चाहते थे लेकिन 1960 में पाकिस्तान से इंटरनेशनल एथलीट कंपीटीशन का संदेश मिला।
  • मिल्खा नही जाना चाहते थे लेकिन प्रधानमन्त्रीजवाहर लाल नेहरूजी के कहने पर वह पाकिस्तान जाने और कंपीटीशन में भाग लेने के लिए राजी हो गए।
  • पाकिस्तान में उस समय अब्दुल खालिक का शोर था। क्योकि वह सबसे तेज धावक था।
  • अब्दुल खालिक और मिल्खा के बीच दौड़ शुरू हुई। देखते ही देखते मिल्खा सिंह ने अब्दुल खालिक को हरा दिया।
  • मिल्खा की रफ्तार देखकर सभी चौक गए।
  • जीत के बाद पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपतिफील्ड मार्शल अयूब खानने मिल्खा को जीत की बधाई दी।
  • अयूब खान ने मिल्खा से कहाँ -आज तुम दौड़े नही हो, उड़े हो ।

इसलिए हम तुम्हे फ्लाइंग सिख का खिताब देते है।

इसी वाक्ये की वजह से मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिख के नाम से भी जाना जाने लगा।

मिल्खा ने अपनी ज़िंदगी में कई लडाइयाँ लडी और जीती भी लेकिन कोरोना जैसी महामारी से वह जीत ना सके महज 91 साल मे उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली।

Letsdiskuss

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@sonamsingh1730 | Posted on January 17, 2024

मिल्खा सिंह का नाम तो आप सभी ने सुना ही होगा। इस दुनिया में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं होगा जो मिल्खा सिंह को नहीं जानता होगा। दुनिया के बड़े-बड़े एथलीटों को धूल चटाने वाले पंजाब के शेर मिल्खा सिंह अब तो इस दुनिया में नहीं रहे। लेकिन भारतीय सेवा में कप्तान पद से सेवानिवृत मिल्खा सिंह को सम्मान से लोग फ्लाइंग सिख बुलाते हैं। मैं आपको बता दूं कि मिल्खा सिंह को यह उपाधि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति से मिली थी।

चलिए आज हम आपको मिल्खा सिंह के बारे में कुछ जानकारी देते हैं:-

मैं आपको बता दूं कि मिल्खा सिंह का जन्म 20 नवंबर सन 1929 को ब्रिटिश इंडिया में पंजाब प्रांत के मुजफ्फरगढ़ शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर गोविंदपुर में हुआ था। जो कि वर्तमान समय में पाकिस्तान के मुजफ्फरगढ़ जिले में स्थित है। मैं आपको बता दूं कि शुक्रवार 18 जून सन 2021 की देर रात मिल्खा सिंह ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

चलिए हम आपको बताते हैं कि मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिख क्यों कहा जाता है:-

सन 1958 के कॉमनवेल्थ गेम में मिल्खा सिंह ने गोल्ड मेडल जीता था। मैं आपको बता दूं कि यह आजाद भारत का पहला गोल्ड मेडल था। इसके बाद साल 1960 में ही उन्हें पाकिस्तान के इंटरनेशनल एथलीट कंपटीशन में न्योता मिला। लेकिन मिल्खा के मन में बंटवारे का दर्द था। क्योंकि वह पाकिस्तान जाना नहीं चाहते थे। लेकिन बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की समझाने पर उन्होंने पाकिस्तान जाने का फैसला लिया। मैं आपको बता दूं कि उसे समय पाकिस्तान में अब्दुल खालिक का जोर था। खालिक कहां की सबसे तेज धावक थे।

फिर दोनों के बीच दौड़ हुई। और इस दौड़ में मिल्खा की जीत हुई। मिल्खा की जीत के बाद पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति फीड मार्शल अयूब खान ने फ्लाइंग सिख का नाम दे दिया।

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