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May 31, 2020news-current-topics

प्रवासी लोगों की ऐसी क्या मजबूरी है जो कई हजार किलोमीटर तक पैदल सफर कर रहे हैं

2 Answers
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@rajnandinimaurya8390May 16, 2020
कोरोना वायरस के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यस्था तहस- नहस हो चुकी, पूरी दुनिया की रफ्तार थम सी गई है। अगर हम अपने देश की बात करें तो कॉरोना वायरस के प्रकोप से हमारा देश भी बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इस वायरस से बचाव के लिए पूरे देश की रफ्तार रोककर लॉकडाउन लगा दिया गया। जिससे कि इसका संक्रमण रोका जा सके। दफ्तर से लेकर फैक्टरियां बंद कर दी गईं। लेकिन इस बंदी से अगर कोई सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है तो वो है प्रवासी मजदूर वर्ग। जो रोज कि दिहाड़ी से अपना और अपने परिवार का पेट भरते हैं। फैक्ट्रियों के बंद होने से उनका रोजगार छीन गया और उन्हें खाने के भी लाले पड़ गए। ऐसे में ना चाहते हुए भी सैकड़ों हजारों किलोमीटर का सफ़र पैदल तय कर वो अपने गांव जाने को मजबुर हैं। उनका कहना है कि शहरों में रहकर वे कोरॉना से भले ना मरें लेकिन भूखमरी ज़रूर इनकी जान ले लेगी। ऐसे में गांव का रुख करने के अलावा प्रवासियों के पास अन्य कोई विकल्प नहीं है।
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@monalisachatterjee1640May 31, 2020
प्रवासी लोग मजबूर नहीं है हालात ने उन्हें मजबूर बना दिया है जिस कारण वह अपने घर परिवार के पास लौटने के लिए किलोमीटर पर किलोमीटर हजार किलोमीटर तक पैदल सफर कर रहे हैं।इसका मुख्य कारण यह है कि आज देश में जिस तरीके से यह वायरस फैल रहा है और जिस तरीके से चारों तरफ बंद हो चुका है लाकडाउन के वजह से ऐसे में प्रवासी लोगों के पास ना कोई काम रह गया करने को ना रहने को कोई जगह है क्योंकि जहां पर वह रहते थे वहां पर उन्हें पैसों के कारण से घर से बाहर निकाल दिया गया है ऐसे में वह मजदूर या वह लोग क्या करेंगे।

मुश्किल वक्त में लोगों के पास रोटी हो चाहे ना हो वह बस यही चाहते हैं कि वह बस अपने अपनों के पास पहुंचे और उनका साथ उनको मिले। तो हालात के कारण प्रवासी लोग मजबूर है।
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