नरसिंघ जयंती की पूजा का क्या महत्व है? - Letsdiskuss
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Amayra Badoni

Student (Delhi University) | पोस्ट किया 17 May, 2019 |

नरसिंघ जयंती की पूजा का क्या महत्व है?

पंडित दयाराम शर्मा

Astrologer,Shiv shakti Jyotish Kendra | पोस्ट किया 17 May, 2019

नरसिंघ भगवान विष्णु का एक रूप है | भगवान नरसिंघ का यह रूप आधा इंसान और आधा शेर का रूप है | नरसिंघ भगवान का यह स्वरुप अपने भक्त प्रहलाद को हिरण्यकश्यप के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए था |


नरसिंघ जयंती की पूजा का महत्व :-
इस बार नरसिंघ जयंती 17 मई को है और जो लोग इस पूजा को करते हैं या इसका व्रत रखते हैं उन सभी के दुःख दरिद्र दूर हो जाते हैं | जैसे नरसिंघ भगवान भक्त प्रह्लाद की रखा के लिए हमेशा तैयार रहते थे वैसे ही अपने सभी भक्तों की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं | जैसा कि नरसिंघ भगवान विष्णु एक ही एक रूप है तो नरसिंघ के साथ लक्ष्मी जी का पूजा घर में कभी धन की कमी नहीं आने देता |

नरसिंह जयंती पूजन के लिए मंत्र :-
"नैवेद्यं शर्करां चापि भक्ष्यभोज्यसमन्वितम्। ददामि ते रमाकांत सर्वपापक्षयं कुरु "
नरसिंह जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त :-
पूजा करने का अंतराल सिर्फ 2 घंटे 37 मिनट का होगा
पूजा करने का शुभ महूर्त शाम 4:20 से 6:58 तक

नरसिंह जयंती की पूजा विधि :-
- भगवान नरसिंह की पूजा करने का समय शाम को होता है |
- पूजा करने के लिए नरसिंह के साथ माता लक्ष्मी की भी मूर्ति या तस्वीर भी रखें |
- पूजा के लिए फल, फूल, चंदन, कपूर, रोली, धूप, कुमकुम, केसर, पंचमेवा, नारियल, अक्षत, गंगाजल, काले तिल और पीताम्बर रखें |
- भगवान नरसिंह और माता लक्ष्मी को पीले वस्त्र पहनाएं या उनकी फोटो में पीले रंग के वस्त्र को चढ़ाएं |
- चंदन, कपूर, रोली और धूप करने के बाद कथा पढ़ें और मन्त्रों का जाप करें |
- पूजा होने के बाद जरूरतमंद को तिल, कपड़ा दान करें |

(Courtesy : NewsGram )