Advertisement

Advertisement banner

Advertisement

Advertisement banner

Advertisement

Advertisement banner
S
Jan 13, 2024others

ED का क्या काम है ?

2 Answers
18

S
@shikhapatel7197Jan 8, 2024

ईडी को एंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट या प्रवर्तन निदेशालय के नाम से जाना जाता है। हिंदी में ईडी का फुल फॉर्म एंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट, प्रवर्तन निदेशालय या आर्थिक प्रवर्तन महानिदेशालय होता है। और ईडी या प्रवर्तन निदेशालय वैधानिक निकाय नहीं है, यह वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एक सरकारी एजेंसी है।

और ईडी प्रापर्टी अटैच करने के बाद उसके पूरे सबूत और दस्तावेज जुटाती है। और फिर इस मामले को अदालत में लेकर जाती है, फैसला होने तक प्रापर्टी ईडी के पास अटैच भी रखने मे हमारी मदद करता है और एजेंसी के पास मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपियों के खिलाफ संपत्ति-धन की जब्ती और गिरफ्तारी के अधिकार हैं।

ईडी गैरकानूनी वित्तीय काम पर करवाई कर सकती है। और पीएमएलए के तहत ईडी को संपत्ति जब्त करने, छापा मारने और गिरफ्तारी का अधिकार है। और ईडी की ताकत अंदाजा इससे भी लगा सकते हैं कि एजेंसी पूछताछ के बिना भी संपत्ति जब्त कर सकती है। और ईडी का नाम सबसे पहले आता है और यह एजेंसी वित्त मंत्रालय के अधीन आती है। ईडी एक ऐसी एजेंसी है जो कि भारत में भ्रष्टाचार कम करने का कार्य करती है । और ईडी का मुख्य कार्य काले धन से जुड़े गंभीर मामलों को सामने लाना और उनकी जांच करना होता है।

ईडी एक विशेष एजेंसी है जो कि काले धन से जुड़े गंभीर मामलों के आरोपियों को निष्पक्ष सजा दिलवाती है और उनके गलतियों के अनुसार उन्हें दंड दिलवाने का काम करती है। ईडी में काफी लोग बाहर से भी तैनात किए जाते हैं। ईडी में कुछ लोग डेप्यूटेशन पर भी आते हैं। जब भारत सरकार ने देखा कि लोग आर्थिक अपराध करके देश से बाहर भाग रहे है तो सरकार ने इससे निपटने के लिए एक कानून बनाया जिसको फ्यूजिटिव ऑफेंडर कहते है, इसे भी ईडी के तहत रखा गया है। दोस्तों यदि आपको हमारा आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे लाइक करे।

Letsdiskuss

0
9
avatar
@kirankushwaha3551Jan 11, 2024

आज हम आपको इस खबर के जरिए बताएंगे कि ईडी डायरेक्टर की नियुक्ति कैसे होती है यानी प्रवर्तन निदेशालय मौजूदा समय मे ईडी डायरेक्टर के कार्यकाल का विस्तार का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय वित्त मंत्रालय के राज्य विभाग के अंतर्गत आता है।

प्रवर्तन निदेशालय भारत सरकार के वित्त मंत्रालय राज्य के राजस्व विभाग के अधीन एक विशेष वित्तीय जांच एजेंसी है जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। प्रवर्तन निदेशालय वर्ष 1956 में स्थापित किया गया था । प्रवर्तन निदेशालय के 10 जोनल कार्यालय हैं जिनमें से प्रत्येक में एक उपनिदेशक और 11उप क्षेत्रीय कार्यालय है जिसमें से प्रत्येक का नेतृत्व एक सहायक निदेशक करता है। वर्तमान परिपेक्ष में भारत में परिवर्तन निदेशालय शब्द सबसे अधिक चर्चा में है लेकिन इस गैर संवैधानिक निकाय के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है इसलिए इस लेख में हमने प्रवर्तन निदेशालय का अर्थ और कार्यों के बारे में बताया है जो लोकप्रिय रूप से ईडी के नाम से भी जाना जाता है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी )के मुख्य कार्य इस प्रकार हैं -

  1. प्रवर्तन निदेशालय फेम 1999 की उलझन से संबंधित खुफिया जानकारी एकत्र करता है, विकसित करता है और संबंधित एजेंसियों के साथ उसे साझा करता है।
  2. ईडी के पास फेमा के उल्लंघन के दोषी पाए दोषियों के संपत्ति कुर्की करने की शक्ति है। धन शोधन अधिनियम के अध्याय के तहत संपत्ति के कुर्की का अर्थ है संपत्ति के जब्ती, संपत्ति का स्थानांतरण, रूपांतरण और बेचने पर रोक।
  3. धन शोधन अधिनियम के नियम को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खोज जब्ती,गिरफ्तारी और अभियोजन की कार्रवाई आदि करना।
  4. मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत अपराधी के हस्तांतरण के लिए राज्यों से कानूनी लेना और देना इसके अलावा अपराधियों के हस्तांतरण से संबंधित कारवाई पूरी करना।

इस प्रकार प्रवर्तन निदेशालय की स्थापना के मुख्य उद्देश्यों में शामिल है कि देश में मनी लॉन्ड्रिंग करने वालो के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करना जिसमें उनके संपत्ति जप्त करना शामिल है कुल मिलाकर ईडी देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही करता है।k

Letsdiskuss

0
4