आज हम आपको इस खबर के जरिए बताएंगे कि ईडी डायरेक्टर की नियुक्ति कैसे होती है यानी प्रवर्तन निदेशालय मौजूदा समय मे ईडी डायरेक्टर के कार्यकाल का विस्तार का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय वित्त मंत्रालय के राज्य विभाग के अंतर्गत आता है।
प्रवर्तन निदेशालय भारत सरकार के वित्त मंत्रालय राज्य के राजस्व विभाग के अधीन एक विशेष वित्तीय जांच एजेंसी है जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। प्रवर्तन निदेशालय वर्ष 1956 में स्थापित किया गया था । प्रवर्तन निदेशालय के 10 जोनल कार्यालय हैं जिनमें से प्रत्येक में एक उपनिदेशक और 11उप क्षेत्रीय कार्यालय है जिसमें से प्रत्येक का नेतृत्व एक सहायक निदेशक करता है। वर्तमान परिपेक्ष में भारत में परिवर्तन निदेशालय शब्द सबसे अधिक चर्चा में है लेकिन इस गैर संवैधानिक निकाय के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है इसलिए इस लेख में हमने प्रवर्तन निदेशालय का अर्थ और कार्यों के बारे में बताया है जो लोकप्रिय रूप से ईडी के नाम से भी जाना जाता है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी )के मुख्य कार्य इस प्रकार हैं -
- प्रवर्तन निदेशालय फेम 1999 की उलझन से संबंधित खुफिया जानकारी एकत्र करता है, विकसित करता है और संबंधित एजेंसियों के साथ उसे साझा करता है।
- ईडी के पास फेमा के उल्लंघन के दोषी पाए दोषियों के संपत्ति कुर्की करने की शक्ति है। धन शोधन अधिनियम के अध्याय के तहत संपत्ति के कुर्की का अर्थ है संपत्ति के जब्ती, संपत्ति का स्थानांतरण, रूपांतरण और बेचने पर रोक।
- धन शोधन अधिनियम के नियम को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खोज जब्ती,गिरफ्तारी और अभियोजन की कार्रवाई आदि करना।
- मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत अपराधी के हस्तांतरण के लिए राज्यों से कानूनी लेना और देना इसके अलावा अपराधियों के हस्तांतरण से संबंधित कारवाई पूरी करना।
इस प्रकार प्रवर्तन निदेशालय की स्थापना के मुख्य उद्देश्यों में शामिल है कि देश में मनी लॉन्ड्रिंग करने वालो के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करना जिसमें उनके संपत्ति जप्त करना शामिल है कुल मिलाकर ईडी देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही करता है।k


Answered By Kiran Kushwaha
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