ईडी को एंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट या प्रवर्तन निदेशालय के नाम से जाना जाता है। हिंदी में ईडी का फुल फॉर्म एंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट, प्रवर्तन निदेशालय या आर्थिक प्रवर्तन महानिदेशालय होता है। और ईडी या प्रवर्तन निदेशालय वैधानिक निकाय नहीं है, यह वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एक सरकारी एजेंसी है।
और ईडी प्रापर्टी अटैच करने के बाद उसके पूरे सबूत और दस्तावेज जुटाती है। और फिर इस मामले को अदालत में लेकर जाती है, फैसला होने तक प्रापर्टी ईडी के पास अटैच भी रखने मे हमारी मदद करता है और एजेंसी के पास मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपियों के खिलाफ संपत्ति-धन की जब्ती और गिरफ्तारी के अधिकार हैं।
ईडी गैरकानूनी वित्तीय काम पर करवाई कर सकती है। और पीएमएलए के तहत ईडी को संपत्ति जब्त करने, छापा मारने और गिरफ्तारी का अधिकार है। और ईडी की ताकत अंदाजा इससे भी लगा सकते हैं कि एजेंसी पूछताछ के बिना भी संपत्ति जब्त कर सकती है। और ईडी का नाम सबसे पहले आता है और यह एजेंसी वित्त मंत्रालय के अधीन आती है। ईडी एक ऐसी एजेंसी है जो कि भारत में भ्रष्टाचार कम करने का कार्य करती है । और ईडी का मुख्य कार्य काले धन से जुड़े गंभीर मामलों को सामने लाना और उनकी जांच करना होता है।
ईडी एक विशेष एजेंसी है जो कि काले धन से जुड़े गंभीर मामलों के आरोपियों को निष्पक्ष सजा दिलवाती है और उनके गलतियों के अनुसार उन्हें दंड दिलवाने का काम करती है। ईडी में काफी लोग बाहर से भी तैनात किए जाते हैं। ईडी में कुछ लोग डेप्यूटेशन पर भी आते हैं। जब भारत सरकार ने देखा कि लोग आर्थिक अपराध करके देश से बाहर भाग रहे है तो सरकार ने इससे निपटने के लिए एक कानून बनाया जिसको फ्यूजिटिव ऑफेंडर कहते है, इसे भी ईडी के तहत रखा गया है। दोस्तों यदि आपको हमारा आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे लाइक करे।
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