साहिल जी ने बहुत ही रोचक सवाल किया के चाय मे कितने प्रतिशत निकोटीन पाया जाता है? तो मे साहिल जी को यह बताना चाहूँगी के चाय में निकोटीन नही पाया जाता हैं वह सिगरेट मे पाया जाता है। चाय मेकैफिन पाया जाता है। निकोटीन के होने की संभावना बहुत कम होती है। यदि तंबाकू की पत्तियो को चाय की पत्तियो के साथ रखा हुआ हो तो । लेकिन यह निकोटीन भी चाय छानते समय निकल जाता है। यह शरीर को नुकसान नही पहुँचाता है।
चाय की बात करे तो आपको भारत देश में सबसे ज्यादा चाय के शौकीन मिलेंगे। चाय एक पेय पदार्थ है। जिसे दूध, चायपत्ति, शक्कर और पानी मिला कर बनाया जाता है। कुछ लोग चाय में अदरक, तुलसी, लोंग, दालचिनी , इलायची और ना जाने क्या क्या मिला कर बनाते है उसका टेस्ट और भी बढ़ाने के लिए। चाय को अलग अलग तरीके से पेश किया जाता है जैसे कुल्हड़ मे चाय, ग्लास में चाय, कप और सोसर मे चाय। कुछ लोगो का मानना है कि चाय पीने से एक सुकून मिलता है। इसलिए वह एक से ज्यादा बार चाय पीते है। चाय को नशा या लत की तरह कर लेते है।
चाय जितना सुकून देती है उतना ही नुकसान भी पहुॅचाती है: चाय को एक सीमित मात्रा मे ही पीना चाहिए। जिससे इससे शरीर को केवल लाभ मिले। यदि चाय के द्वारा हमारे शरीर मे कैफ़ीन पहुँच रहा है तो यह स्वस्थ है। क्योकि 400 ग्राम तक कैफिन एक दिन के हिसाब से अच्छा माना गया है। कॉफि की तुलना ने चाय लोग ज्यादा पीते है। और चाय ज्यादा हेल्थी है यदि इसे ज्यादा पकाया ना जाए तो। ज्यादा चाय को पकाने से इसके पोषक तत्व खत्म हो जाते है। कैफिन से शरीर को एनर्जि मिलती है और मस्तिष्क तेजी से काम करने लगता हैं।
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