भारत की ऐतिहासिक स्मारको मे चारमीनारका नाम शामिल है। यह स्मारक बहुत ही आकर्षक और प्रभावशाली है।
चारमीनारतेलंगाना राज्य के हैदराबाद में है। हैदराबाद को निजामो का शहर,मोतियो का शहर भी कहा जाता है। यहाँ प्राचीन किले, मस्जिदे, महल आदि होने के कारण यहाँ हर साल लाखो पर्यटक घूमने आते है। हैदराबाद सांस्क्रतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत खास माना जाता है।
चार मीनार इसका निर्माण 1591 इस्वी मे सुल्तान मोहम्मद कुली कुतुब शाह ने किया था। कुली कुतुब शाह ने 31 सालों तक गोलकोंडा पर राज्य किया था।
चारमीनार को बनवाने का मुख्य कारण गोलकोंडा और मछलीपट्टनम के रास्तो को एक साथ जोड़ा जा सके। जिससे व्यापार बढ़ सके ।
इसे कुतुब शाह और भागमति के प्रेम का प्रतिक भी माना जाता हैं।
चारमीनार को बनाने में संगमरमर, ग्रेनाइड का प्रयोग किया गया था। इसमे भारत और इस्लामी शैलियों का चित्रण किया गया है।
चारमीनार के चारो गेट अलग अलग सड़को पर खुलते है।
इसके नीचे भूमिगत सुरंग भी है जो चार मीनार से होती हुई गोलकोंडा मे मिलती है।
यह एक चार मंजिला संरचना है इसक ऊपर चौथे माले पर मस्जिद बनी हुई है।
इस मीनार की नक्काशी और गुंबद दर्शको का मन मोह लेते है। इसमे ऊपर जाने के लिए घुमावदार सीढ़िया बनाई गई है।
इसमे 1889 मे चारो मीनारों के ऊपर एक एक घड़ियाँ लगाई गई थी जिसे कई दूर से भी देखा जा सकता हैं।
मस्जिद होने की वजह से इसक पास एक जलाशय जैसा कुंड भी बनवाया गया था जिसमें वजू किया जा सके।
चार मीनार को लगभग 450 साल से अधिक हो चुके है लेकिन इसकी संरचना मे कोई फर्क नही आया है यह उस समय के शिल्प कौशल को दर्शाता है।
इसकी दीवारो पर फूल और पत्तियो द्वारा डिजाइन बनाई गई है। जो देखने मे काफी मनमोहक है और पर्यटको के आकर्षण का केंद्र रहती है।
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