पंजाब राज्य के अमृतसर शहर में स्वर्ण मंदिरस्थित है।
यह सिख धर्म का पालन करने वाले अनुयायियों का मन्दिर है। यह एक गुरुद्वारा है।
स्वर्ण मन्दिर सिख धर्म के प्रसिद्ध धर्म स्थलों में से एक है। स्वर्ण मन्दिर कोहरमंदिर साहिबके नाम से भी जाना जाता है।
यह गुरुद्वारा है लेकिन यहाँ हर धर्म के लोग आते है । भारत ही एक मात्र एक ऐसा देश है जहाँ सभी लोग एक दूसरे के धर्म को अपना मानते है।
स्वर्ण मंदिर की नींव1577में चौथे सिख गुरुरामदासने रखी थी। इसके बाद सिख धर्म के पांचवे गुरुअर्जुन देवजीने स्वर्ण मंदिर का निर्माण किया।
1604 में स्वर्ण मंदिर पूरी तरह बन कर तैयार हुआ था।
स्वर्ण मंदिर के कुछ रोचक तथ्य -
- स्वर्ण मंदिर में चारो और दरवाजे है जो चारो दिशाओं में खुलते हैं।
- यह गुरुद्वार सभी धर्मो के लोगो के लिए है।
- हर साल लगभग 1 लाख से ज्यादा लोग स्वर्ण मंदिर आते है ।
- अमृत सरोवर के बीच स्वर्ण मंदिर को बनाया गया है। पहले ये सरोवर सुखा था। इसे पवित्र सरोवर भी कहते है।
- सिख धर्म का सबसे पवित्र ग्रंथगुरु ग्रंथ साहिबसबसे पहले स्वर्ण मंदिर में ही रखा गया था।
- यह मंदिर सफेद मार्वल से बना हुआ है और उस पर असली सोने की परत चढ़ी हुई है। इसलिए इसे स्वर्ण मंदिर कहते है।
- मंदिर के अंदर सिख धर्म का ऐतिहासिक विवरण किया गया है।
- इस मंदिर को सीढ़िया ऊपर की और नही बल्कि नीचे की और जाती हैं।
- अंदर की कला आक्रति हाथो द्वारा पेंट की ही हुई है।
- यहाँ दुनिया का सबसे बड़ा किचन है। यहाँ लगभग 1 लाख से ज्यादा लोगो का भोजन हर दिन बनता है। इसेलंगरकहाँ जाता हैं।
- लंगर को यहाँ का प्रसाद कहा जाता हैं।
- सिख धर्म की अपनी विशेषता है इसलिए स्वर्ण मंदिर में अंदर जाने से पहले सिर को कपड़े से ढकना होता है। धूम्रपान, मदिरा पर रोक है।
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