आपने हमेशा सुना और देखा है की खून का रंग लाल होता है। क्या आप जानते है कि एक ऐसा भी जीव है जिसके खून का खून का रंग सफेद होता है।
कॉकरोचएक ऐसा जीव है जिसके खून का रंग सफेद होता है। कॉकरोच के खून का रंग सफेद होने का कारण उसके खून में हिमोग्लोबिन की कमी है। कॉकरोच के शरीर में ओपन सर्कुलेटरी सिस्टम होता है। जिसकी वजह से वह नाक की बजाय शरीर के छोटे छिद्रो से सांस लेता है। यही वजह है कि कॉकरोच का सिर कट जाने के बाद भी वह कई दिनों तक जीवित रह सकता हैं। यह 40 मिनट तक अपनी सांस रोक सकता है इसी वजह से यह 30 मिनट तक पानी में रह सकते है।
दुनिया में कॉकरोचो की4600 प्रजातियांपायी जाती हैं। कॉकरोच के खून कोहिमोलिम्फके रूप में भी जाना जाता है। इनके प्लाज्मा में लगभग 70% पानी होता है। इसका बाकी हिस्सा अमीनो एसिड, यूरिक एसिड, प्रोटीन, चीनी, वसा और सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्निशियम के लवणो से बना होता है। कॉकरोच से गंदगी होती है और कई तरह की बिमारियाँ भी होती हैं जैसे :-अस्थमा और एलर्जी, फूड पॉइजिनिग, स्किन रेश, कालरा और टाइफाइड।कॉकरोच बैक्टेरिया और वायरस को एक स्थान से दूसरे पर संचारित कर सकते है। इससे ही बिमारियाँ फैलती हैं।
एक मादा कॉकरोच एक बार में 10-40 अंडे दे सकती हैं। इसलिए इनकी संख्या ज्यादा होती हैं। दुनिया के लगभग हर कोने में कॉकरोच पाए जाते है। यह सर्वाहारी होते है। दुनिया के कई हिस्सों में कॉकरोच को कीट माना जाता है क्योकि यह इमारतों को नुकसान पहुँचाने में सक्षम होते है और भोजन को दूषित कर बिमारियाँ फैला सकते है। यह पृथ्वी में सबसे पुराने जीवित कीडो में से एक है , इनका जीवाश्म 350 मिलियन वर्ष पुराना माना जाता है।
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