चलिए जानते हैं कि श्री कृष्ण जी का अंतिम संस्कार किसने किया था लेकिन इससे पहले भगवान श्री कृष्ण जी के बारे में जानते हैं:-
भगवान श्री कृष्ण जी को भगवान विष्णु जी का आठवां अवतार माना जाता था। भगवान श्री कृष्ण जी ने द्वापर युग में धरती पर जन्म लिया था।और फिर 125 साल की उम्र में भगवान श्री कृष्ण ने अपने मानव शरीर को त्याग कर बैकुंठ को प्रस्थान कर लिया था। मैं आपको बता दूं कि भगवान श्री कृष्ण जी का अंतिम संस्कार पांडवों के द्वारा किया गया था। तभी अंतिम संस्कार के दौरान एक हैरान कर देने वाली घटना हुई। बताया जाता है कि जब भगवान श्री कृष्ण जी की शरीर को जलाया गया तो उनका शरीर तो जल गया लेकिन उनका दिल धड़कता रहा। और फिर इसके बाद पांडवों ने भगवान श्री कृष्ण जी के हृदय को समुद्र में प्रवाहित कर दिया। और बताया जाता है कि भगवान श्री कृष्ण जी का दिल आज भी धड़कता है।
चलिए हम आपको भगवान श्री कृष्ण जी की मृत्यु की कथा बताते हैं:-
भले भगवान श्री कृष्ण जी देवता थे लेकिन उन्होंने इस धरती पर जन्म लिया था तो उनकी मृत्यु तो निश्चित थी। पौराणिक कथाओं के अनुसार बताया जाता है कि एक बार भगवान श्री कृष्ण जी वन में पीपल के पेड़ के नीचे विश्राम कर रहे थे तभी पर वहां एक बहेलिए ने गलती से भगवान श्री कृष्ण जी को हिरण समझ कर तीर से वार कर दिया और फिर इसके बाद भगवान श्री कृष्ण जी ने अपनी मानव शरीर का त्याग कर दिया। और फिर बैकुंठ धाम को चले गए।
चलिए जानते हैं की मृत्यु के बाद श्री कृष्ण जी के शरीर का क्या हुआ:-
जब पांडवों को इस बात की खबर लगी तो पांडव द्वारिका चले गए। और भगवान श्री कृष्ण जी ने सोमनाथ में अपने देह को त्यागी थी। तो पांडवों ने भगवान श्री कृष्ण जी की देह का रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया।






