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Sumil Yadav· 6 years ago
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बाबा फरीद कौन थे?

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Answered on12/10/22

बाबा फरीद उच्च कोटि के पंजाबी कवि थे।बाबा फरीद जिन्होंने कई सारे ग्रंथ की रचना की थी। जिन्हे सिख गुरु के द्वारा इन्हें सम्मान दिया गया। बाबा फरीद एक मुसलमान थे लेकिन उन्होंने हिंदुओं को भी उतना ही सम्मान करते थे जितना कि किसी मुसलमान को । बाबा फरीद (1173-1266), हजरत ख्वाजा फरीद्दुद्दीन गंजशकर के नाम से भी जाने जाते थे।जो भारतीय उपमहाद्वीप के एक सूफी संतथे। Article image

preeti  patel
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Answered on12/08/22

दोस्तों आप ने बाबा फरीद का नाम तो सुना ही होगा पर क्या आप जानते है कि बाबा फरीद कौन थे यदि नहीं जानते है तो चलिये हम आपको बताते हैं बाबा फरीद एक ख्वाजा फारीदुद्दीन मसूद गज शंकर के नाम से भी जाने जाते हैं यह एक सूफी कवि है। यह 12वी शताब्दी के पंजाब के महान कवियों में इनका नाम महत्वपूर्ण है। पंजाबी भाषा के कवि भी कहा जाता है बाबा मुस्लिम थे लेकिन फिर भी यह हिंदुओं का सम्मान करते थे। और इनका जानवी 1173 में रमजान के महीने में हुआ था।

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V
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Answered on12/10/22

क्या आप जानते हैं बाबा फरीद कौन थे नहीं जानते होंगे कि बाबा फरीद चलिए आज हम आपको बताते हैं बाबा फरीद कौन है बाबा फरीद या ख्वाजा फखरुद्दीन मसूद गंजशकर एक सूफी संतथे। और 12 शताब्दी के दौरान पंजाब के वे सबसे महान संतों में से एक थे। उन्हें पंजाबी भाषा का पहला कवि कहना गलत नहीं होगा। क्योंकि बाबा फरीद को प्रेरणादाई और जीवन संबंधी कविताएं सिखों के पवित्र ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब में लिखी है। हालांकि बाबा मुस्लिम थे,लेकिन फिर भी हिंदुओं ने उनका सम्मान किया।Article image

Poonam Patel
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Answered on12/13/22

क्या आपने कभी बाबा फरीद के बारे में सुना है नहीं सुना होगा तो आज हम आपको यहां पर बताएंगे कि बाबा फरीद कौन थे। बाबा फरीद भारतीय उपमहाद्वीप के पंजाब क्षेत्र के एक सूफी संत थे। बाबा फरीद एक उच्च कोटि के पंजाबी कवि थे। बाबा फरीद को हजरत ख्वाजा फरीदुद्दीन गंज शकर के नाम से भी जाना जाता था। बाबा फरीद के द्वारा कई सारे ग्रंथों की रचना की गई थी। बाबा फरीद को सिख गुरु के द्वारा सम्मान प्रदान किया गया था। बाबा फरीद एक मुस्लिम संत थे लेकिन फिर भी हिंदुओं ने उन्हें सम्मान दिया।Article image

Krishna Patel
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Answered on10/20/23

राष्ट्रगान को गाने में लगने वाला समय, इसे गाए जाने की गति, राष्ट्रगान के संस्करण और छंदों को जोड़ने या हटाने जैसे कारकों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। किसी देश के राष्ट्रगान की आमतौर पर एक मानक अवधि होती है, और इसे उचित समय सीमा के भीतर गाना परंपरा और सम्मान का विषय है। राष्ट्रगान गाने के लिए यहां कुछ सामान्य दिशानिर्देश दिए गए हैं:

1.सम्मानजनक अवधि: राष्ट्रगान गाना एक प्रतीकात्मक और गंभीर कार्य है, और इसे सम्मान और गरिमा के साथ किया जाना चाहिए। अधिकांश राष्ट्रगान कुछ ही मिनटों में गाए जा सकते हैं।

2.मानक छंद: कई राष्ट्रगानों का एक मानक संस्करण होता है जिसमें विशिष्ट संख्या में छंद और एक कोरस शामिल होता है। इन छंदों और कोरस को गाने में आम तौर पर कुछ मिनट लगते हैं।

3.आधिकारिक दिशानिर्देश: कुछ देशों में, राष्ट्रगान के उचित गायन के संबंध में आधिकारिक दिशानिर्देश हैं। ये दिशानिर्देश गाए जाने वाले छंदों की संख्या और इसे जिस गति से निष्पादित किया जाना चाहिए उसे निर्दिष्ट कर सकते हैं।

4. प्रथागत गति: स्पष्ट उच्चारण और अभिव्यक्ति की अनुमति देने के लिए राष्ट्रगान आमतौर पर मध्यम गति से गाए जाते हैं। बहुत जल्दी गाने से राष्ट्रगान की गंभीरता से समझौता हो सकता है।

5.विशेष अवसर: राष्ट्रीय छुट्टियों या आधिकारिक कार्यक्रमों जैसे विशेष अवसरों पर, अक्सर राष्ट्रगान का पूरा संस्करण गाया जाता है, जिससे इसकी अवधि बढ़ सकती है। हालाँकि, इसे आमतौर पर एक उचित समय सीमा के भीतर गाया जाता है।

हालाँकि राष्ट्रगान गाने के लिए कोई निश्चित अधिकतम समय नहीं है, लेकिन इस कार्य को श्रद्धा के साथ करना और राष्ट्रगान के गायन के संबंध में सांस्कृतिक और आधिकारिक रीति-रिवाजों का पालन करना महत्वपूर्ण है। अवधि के बजाय देशभक्ति और प्रतीकात्मक महत्व पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

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म
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Answered on12/15/19
बाबा फरीद मुस्लिम साधू थे उनके पास अल्लाह का दिया हुआ खास इल्म था
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never give up to motivate

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Answered on02/06/20

बाबा फरीद (शेख फरीद) या ख्वाजा फारीदुद्दीन मसूद गंजशकर एक सूफी संत थे


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Investment & Market Trends Enthusiast
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i am studying journalism in India and have a keen interest on different subjects of study.

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Answered on01/24/20
बाबा फरीद (शेख फरीद) या ख्वाजा फारीदुद्दीन मसूद गंजशकर एक सूफी संत थे और 12 वीं शताब्दी के दौरान पंजाब के वे सबसे महान संतों में से एक थे।
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The Curious Introvert
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