Advertisement

Advertisement banner

Advertisement

Advertisement banner
Entertainment & Lifestyleश्री कृष्ण जी के गुरु कौन थे?
image

| Updated on November 9, 2022 | entertainment

श्री कृष्ण जी के गुरु कौन थे?

3 Answers
S

@setukushwaha4049 | Posted on November 7, 2022

श्री कृष्ण जी के गुरु का नाम संदीपनी मुनी था, श्री कृष्ण संदीपनी मुनी के आश्रम मे जाकर 1वर्ष तक रहे,श्री कृष्ण ने संदीपनी मुनी जी से शिक्षा ग्रहण की थी।सांदीपनि मुनी ने श्रीकृष्णको 64 कलाओं की शिक्षा दी थी, मध्य प्रदेश के उज्जैन मेंगुरुसांदीपनि मुनी का आश्रम है श्री कृष्ण वही रहकर शिक्षा पूरी किये तथा शिक्षा पूरी करने के बाद जबगुरुदक्षिणा की बात आयी तो सांदीपनि गुरु जी ने कहा कि शंखासुरनामका एक दैत्य मेरे पुत्र को उठाकर ले गया है। मुझे गुरु दक्षिणा के बदले श्री कृष्ण शंखासुर से युद्ध करके मेरे पुत्र को वापस ले आओ और श्री कृष्ण ने अपने गुरु जी की बातो का पालन किया और उन्होंने उस शंखासुर का वध करके उन्हें उनका पुत्र वापस लौटाया।
Article image

0 Comments
V

@vandnadahiya7717 | Posted on November 8, 2022

आज हम श्री कृष्ण के गुरु के बारे में जानेंगे कि श्री कृष्ण के गुरु कौन थे। तो दोस्तों श्री कृष्ण के गुरु महर्षि संदीपनी थे। श्री कृष्ण ने अपनी सारी शिक्षा महर्षि संदीपनी से ही प्राप्त की थी। और संदीपनी आश्रम उज्जैन में स्थित है। यहां पर महर्षि संदीपनी ने घोर तपस्या की थी। और यहीं पर महर्षि संदीपनी नें वेद पुराण की शिक्षा के लिये आश्रम का निर्माण करवाया था। यहाँ पर 3 बड़े मंदिर है और इस तीनों मंदिरों में कृष्णाष्टमी बड़े धूम धाम से मनाया जाता है। श्रीं कृष्ण नें अपने मित्र सुदामा और अपने ब्राता बलराम के साथ शिक्षा प्राप्त की थी।

Article image

0 Comments
logo

@krishnapatel8792 | Posted on November 9, 2022

आइए आज इस आर्टिकल के द्वारा जानते हैं कि भगवान श्री कृष्ण जी के गुरु कौन थे। दोस्त भगवान श्री कृष्ण जी के गुरु का नाम महर्षि संदीपनी था। श्री कृष्ण और बलराम जी को कंस के वध के पश्चात वसुदेव जी ने शिक्षा ग्रहण करने के लिए श्री कृष्णा बलराम जी को संदीपनी के आश्रम भेजे थे। जहां पर श्री कृष्ण और बलराम जी 64 दिन रहकर 64 विद्या और 16 कलाएं सीख ली थी। हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश के उज्जैन में महर्षि संदीपनी का आश्रम है। यही पर रह कर उन्होंने श्री कृष्ण और बलराम जी को शिक्षा दिए थे।Article image

0 Comments