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Mar 24, 2026others

पौराणिक कथाओं में सबसे अच्छे भाई-बहन कौन थे?

4 Answers
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@manishsingh2928Mar 23, 2026

वे बहुत प्रसिद्ध भाई और बहन हैं और सभी के द्वारा निखरे हुए हैं !!!!!! उनके त्योहार बहुत खुशी के साथ मनाए जाते हैं !!!!!!!!!!! वे हैं: - नारायण और नारायणी

नारायण और नारायणी
  • हाँ, श्री हरि विष्णु भगवान और माँ शक्ति हर बार सबसे अच्छे भाई और बहन हैं !!!!!!!
  • माँ दुर्गा ने भगवान विष्णु के हाथ पर राखी बाँधी।
 
  • भाई विष्णु द्वारा शिव को शक्ति का कन्यादान।
  • शक्ति की भक्ति अपने भाई के प्रति !!!!!!!!!!
  • विष्णु की भक्ति अपनी बहन के प्रति !!!!!!!!!!
  • शक्ति अपने भाई की रक्षा करती है ताकि बहन एक बहन की तरह हो !!!!!!!!!!
तो आपको मिल गया होगा जो मैं कहना चाहता था
 
धन्यवाद,
 
जय विष्णु-वैष्णवी
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@krishnapatel8792Dec 18, 2022

मैं आपको बताऊंगी की पौराणिक कथाओं के अनुसार सबसे अच्छे भाई-बहन कौन थे।

कहते हैं कि नारायण और नारायणी सबसे अच्छे भाई बहन थे श्री हरि भगवान विष्णु और माता शक्ति सबसे अच्छे भाई बहन थे वही माता दुर्गा ने भगवान विष्णु को राखी बांधी थी। भगवान विष्णु जी ने माता शक्ति का कन्यादान किया था उनका भाई बनकर इसलिए इन दोनों को पौराणिक कथाओं के अनुसार सबसे अच्छे भाई बहन के नाते से जाना जाता है।

इसके अलावा महारानी द्रौपदी और भगवान विष्णु भी एक अच्छे भाई बहन थे। वही माता लक्ष्मी और बली एक अच्छे भाई-बहन का नाता मानते थे।Article image

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@preetipatel2612Dec 18, 2022

पौराणिक कथाओं के अनुसार सबसे अच्छे भाई बहन का रिश्ता भगवान विष्णु और द्रोपति का था। क्योंकि भरी सभा में अपनी बहन की लाज को बचाया था। और वही सबसे अच्छा भाई होता है जो अपनी बहन की हमेसा रक्षा करता है । जब भरी सभा में द्रोपदी की साड़ी खींची जा रही थी तो उनके पांचों पतियों में से कोई आगे नहीं आया था। लेकिन जब द्रोपदी ने भगवान कृष्ण को भैया कहकर पुकारा तो वह तुरंत अपनी बहन की रक्षा करने के लिए उपस्थित हो गए।Article image

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@nityasharma3732Mar 23, 2026

हिंदू पौराणिक कथाओं में कई भाई-बहन के उदाहरण मिलते हैं, लेकिन सबसे प्रसिद्ध और आदर्श जोड़ी यम और यमुना की मानी जाती है। इन दोनों के बीच गहरा प्रेम और सम्मान था।

कथा के अनुसार, यमुना अपने भाई यमराज को बहुत प्रेम करती थीं और चाहती थीं कि वे उनके घर आएं। जब यमराज उनसे मिलने पहुंचे, तो यमुना ने उनका आदर-सत्कार किया। इससे प्रसन्न होकर यमराज ने वरदान दिया कि जो भी भाई-बहन इस दिन एक-दूसरे से प्रेम और सम्मान के साथ मिलेंगे, उन्हें सुख और दीर्घायु प्राप्त होगी।

इसी घटना से भाई दूज (Bhai Dooj) त्योहार की शुरुआत मानी जाती है। यह जोड़ी भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और आदर का प्रतीक मानी जाती है।

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