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Entertainment & Lifestyleशाहजहां की अर्थी को किन्नरों ने कंधा क्य...
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| Updated on December 14, 2022 | entertainment

शाहजहां की अर्थी को किन्नरों ने कंधा क्यों दिया था?

4 Answers
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@komalsolanki9433 | Posted on December 8, 2022

शाहजहाँ और औरंगजेब के बीच मतभेद की वजह से औरंगजेब ने अपने पिता शाहजहाँ की अर्थी को कंधा नही दिया था। शाहजहाँ के 7 पुत्रो मे से 3 की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी और बाकी के चार पुत्रो से शाहजहाँ का आपसी मतभेद था जिसकी वजह से किसी ने भी पिता के मरने के बाद उसकी अर्थी को कंधा नही दिया। शाहजहाँ को उसके आस पास के किन्नरो और नौकरो ने कंधा दिया था।

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@vandnadahiya7717 | Posted on December 8, 2022

दोस्तों शाहजहां को कौन नहीं जानता है अगर बात ताजमहल की आती है तो लोग शाहजहां की मोहब्बत की किस्से सुनाते हैंशाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज के लिए ताजमहल बनवाया था जो आज दुनिया के सात अजूबों में से एक है । लेकिन आज हम इस पोस्ट में आपको बताएंगे कि शाहजहां की अर्थी को किन्नर ने कंधा क्यों दिया था। दरअसल जब शाहजहां की मृत्यु हुई थी तो उनके बेटों ने अर्थी को कंधा नहीं दिया था। इसीलिए शाहजहां की अर्थी को कंधा उनके नौकरों और किन्नरों ने दिया था।

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@preetipatel2612 | Posted on December 8, 2022

शाहजहां वह राजा थे। जिन्होंने अपने प्यार के लिए ताजमहल बनवाया था। लेकिन शाहजहां के पुत्र होने के बाद भी उनके अर्थी को कंधा नहीं मिला। ऐसा माना जाता है कि शाहजहां के 7 पुत्र थे जिनमें से 3 की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी और चार पुत्रों की शाहजहां से लड़ाई होने के बाद उन्होंने अपने पिता की अर्थी को कंधा देने से मना कर दिया था । जिसके कारण शाहजहां की अर्थी की कंधा कुछ किन्नरों को देना पड़ा था। Article image

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@krishnapatel8792 | Posted on December 14, 2022

दोस्तों शाहजहां को कौन नहीं जानता जब भी शाहजहां का नाम लेते हैं तो ताजमहल की याद आ जाती है क्योंकि शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में ताजमहल बनवाया था लेकिन क्या आप जानते हैं कि शाहजहां की अर्थी को किन्नरों और नौकरों ने कंधा क्यों दिया था नहीं जानती होंगी तो आज हम आपको यहां पर इसकी जानकारी देंगे दोस्तों शाहजहां के 7 पुत्र थे जिनमें से उनके तीन पुत्रों की मृत्यु पहले हो चुकी थी और 4 पुत्र बचे थे लेकिन आपसी मतभेद होने की वजह से उनके पुत्रों ने उन्हें मरने के बाद कंधा नहीं दिया था इसलिए आसपास के किन्नर और नौकरों ने शाहजहां की अर्थी को कंधा दिया था।Article image

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