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Himani Saini· 2 years ago
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मछलियों से दुर्गंध क्यों आती है?

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Answered on12/31/23

क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर मछलियों से दुर्गंध क्यों आती है शायद आपको इसकी जानकारी नहीं होगी तो कोई बात नहीं चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।

चलिए जानते हैं की मछलियों से दुर्गंध क्यों आती है इसके पीछे की वजह क्या हो सकती है:-

मैं आपको बता दूं कि अधिकतर मछलियों के शरीर में ट्राईमिथाइलअमीन ऑक्साइड नामक पदार्थ पाया जाता है। यह समुद्र में मछलियों को डिहाइड्रेशन से बचाता है और जब मछलियों को समुद्र से बाहर निकाला जाता है तो मछलियों के त्वचा और शरीर के भीतर पाए जाने वाले ट्राईमिथाइलअमीन ऑक्साइड को ट्राईमिथाइल अमीन में बदल देते हैं। ट्राई मिथाइल अमीन अपनी दुर्गंध के कारण जाना जाता है। यही वजह है कि जब मछली को समुद्र से बाहर निकाला जाता है तो उनके शरीर से दुर्गंध आने लगती है।

मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि आप बाजार से जितनी ताजी मछली खरीद कर लेंगे उसे मछली से उतनी ही ज्यादा दुर्गंध आएगी।

चलिए मछली से जुड़ी कुछ अन्य जानकारियां प्राप्त करते हैं:-

  • आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि बॉक्स जेली नामक मछली दुनिया की सबसे जहरीली मछली होती है। यदि कोई व्यक्ति इसे छू भी देता है तो उस व्यक्ति की मृत्यु उसी समय हो जाती है।
  • मैं आपको बता दूं कि हमारे भारत देश की राष्ट्रीय मछली डॉल्फिन मछली को माना गया है।
  • आपको यह बात जानकर हैरानी होगी की मछलियां अपनी आंखें कभी बंद नहीं करती हैं यहां तक कि जब सोती है तब भी अपनी आंखों को खुली रखती है।
  • मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं की अच्छी कंपनी की लिपस्टिक को बनाने के लिए मछली के चर्बी का इस्तेमाल किया जाता है।
  • शार्क मछली का नाम तो आप सभी ने सुना ही होगा मैं आपको बता दूं की शार्क मछली सोते समय और आराम करते समय भी तैरते रहती है।

Letsdiskuss

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Answered on12/30/23

हम सभी यह सोचते है के नहाने से शरीर साफ होता है। शरीर में से दुर्गंध नही आती। लेकिन मछली तो हमेशा पानी में रहती हैं फिर उसमे से क्यु दुर्गंध आती हैं?

आइये आज इस दिलचस्प प्रश्न का जवाब जानते है। जो भी जानवर पानी में रहते है उनके अन्दरट्राइमेथिलैमाइन एन ऑक्साइड नाम का रसायन पाया जाता है। जिससे उन्हे पानी के अंदर सांस लेने और जीवित रहने के लिए मदद मिलती है और इस रसायन के कारण उनकी कोशिकाएँ खत्म नही होती।

पानी के बाहर रहने वाले जीवो और मनुष्यों में यह रसायन नही पाया जाता । इसलिए जब भी वह समुद्र या तालाब में जाते है तो साँस लेने के पर्याप्त सामाग्री होने के बावजूद वह मर जाते है।

जब तक मछलियाँ तालाब या समुद्र में होती हैं और जीवित होती है उनसे कोई दुर्गंध नही आती लेकिन जैसे ही उन्हे तालाब से बाहर निकाला जाता है उनसे तेज दुर्गंध आने लगती है।इसका कारण मछलियों के अंदर पाया जाने वाला रसायन ट्राइमेथिलैमाइन एन ऑक्साइड बदल करट्राइमेथिलमाइनहो जाता है।

इसी कारण पानी के बाहर आते ही मछली के मर जाने के बाद उसमे इतनी दुर्गंध आती है। जितनी ताजी मछली होती हैं उसमे उतनी ज्यादा बदबु आती हैं। और जितनी पुरानी मछली होती हैं उसमे वक्त के साथ यह दुर्गंध कम हो जाती हैं। बाजारो में भी ताजी और बासी के आधार पर मछलियाँ बेची जाती हैं।

दुनिया में लगभग मछलियों की 28,500 से भी ज्यादा प्रजातियां पायी जाती हैं। मछलियों में ओमेगा 3 ,विटामिन बी,ए, सी और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है । इसके अलावा आयरन कैल्शियम, पोटेशियम ,फास्फोरस ,सोडियम , सेलेनियम भी पाया जाता हैं। इतने गुणों से भरपूर होने के कारण लोग मछली खाना ज्यादा पसंद करते है।

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komal Solanki
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