हमारे समाज मे अक्सर कुछ ऐसे पुरुष होते है, जो शादीशुदा होने क़े वाबजूद भी वह बाहर किसी न किसी पराई औरत से जरूर नाजायज रिश्ता रखते है। ऐसा इसलिए होता है, क्योकि पराई औरत की शारीरिक सुंदरता पुरुष क़ो अपनी ओर आकर्षित करती है, जिस कारण से वह पुरुष भूल जाते है कि वह शादीशुदा है और अपनी पत्नी की ओर जरा सा भी ध्यान नहीं देते है।लेकिन यदि पुरुषो की तरह औरते भी किसी दूसरे पुरुष की ओर आकर्षित होने लगे तो हमारे समाज मे उस औरत क़ो चरित्रहीन बोला जाता है, लेकिन यह गलत है पुरुषो क़ो भी पराई सुंदर औरत की ओर आकर्षित हो तो उन्हें भी गलत बोला जाना चाहिए। लेकिन हमारे समाज मे केवल यह नियम औरतों क़े लिए बनाया गया है।

शादीशुदा होने क़े बावजूद भी पुरुष बाहर किसी पराई औरत से नाजायद संबंध रखते है, क्योंकि उन्हें अपनी पत्नी से ज्यादा पराई औरत खूबसूरत लगती है। लेकिन पराई औरत सिर्फ देखने मे खूबसूरत लग सकती है, लेकिन पत्नी क़े बराबर प्रेम, सम्मान आपको नहीं देगी। क्योकि किसी पराई औरत का पुरुष क़ो आकर्षित करना केवल अपनी शारीरिक जरूरतों क़ो पूरा करना होता है, यह प्रेम नहीं होता है, लेकिन पत्नी प्रेम अपने पति क़ो देती है और सच्चा प्रेम होता है और वह अपने पति क़ो आदर, सम्मान देती है लेकिन एक पुरुष आज क़े समय मे अपनी पत्नी क़ो छोड़कर किसी पराई औरत की सुंदरता क़े पीछे भागते है, लेकिन सुंदरता कोई मतलब नहीं रहता है।

क्योकि पत्नी जीवनभर अपने मर्द का साथ देती है, परन्तु पराई औरत पुरुष का जीवनभर साथ नहीं देती है वह कुछ पल क़े लिए ही पुरुष साथ रहेगी।उसके साथ घूमेगी, मज़ाक, मस्ती करेगी जिससे पुरुष क़ो लगता है कि पराई औरत तो उसकी पत्नी से ज्यादा प्रेम करती है, लेकिन यह एक पुरुष मे मन का वहम हो सकता है। दरअसल पराई औरत केवल एक अच्छे दोस्त की तरह पुरुष क़ो ख़ुश रख सकती है, लेकिन पत्नी की जगह कभी पूरी नहीं कर सकती है। इसलिए एक पुरुष क़ो कभी नहीं भूलना चाहिए कि वह शादीशुदा है।


