- परिपक्वता का अभाव।
- विषय के मूल स्तर को समझना- संबोधित किया जाना
- भीड़ के सामने चर्चा / ओरेशन- दूसरों पर निराधार आरोप
- बात करते समय मूर्खतापूर्ण गलतियाँ
- जब यह गति में है तो संसद में सो रहा है
- अप्रासंगिक वार्ता
राहुल गांधी को एक ऐसे व्यक्ति की तरह बनाना, जो वास्तव में अपनी उम्र और सार्वजनिक जीवन में अनुभव के लिए एआईसीसी के अध्यक्ष का पद हासिल करना चाहिए, जिसे वह खुद मानता है कि अगर मौका दिया जाए तो वह इसे संभाल सकता है।
अगर राहुल खुद मानते हैं कि वे सत्ता नहीं संभाल सकते, तो राजनीति में उनका क्या फायदा?
ये एक तरह का मंदबुद्धि बालक है जिसे समझ में नहीं आता है की कब क्या बोलना है ये कोई भी मुहावरा कभी भी बोल देता है इसेके मुँह में जो आता है वो बोल देता है जैसे की आलू से सोना बनाने वाली मशीन
रोज नया नया अविष्कार करना मैथ में जैसे पिछितिश और बहुत सारी खोज किये है ये पप्पू महाराज
