इस दुनिया का सबसे बड़ा सच है कि जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु होना भी निश्चित है। जितनी खुशी हमें किसी इंसान के जन्म के समय होती है उतना ही दुख हमें उसे इंसान के इस दुनिया से चले जाने पर होता है जब कभी हमारे रिश्तेदार में, या कोई पुराना पड़ोसी या कोई ऐसे व्यक्ति जिसे हम काफी नजदीक रहे हो उसकी मृत्यु की खबर मिलती है तो वास्तविकता में हमें वहां मौजूद होना चाहिए लेकिन यदि किसी कारणवश हम वहां उपस्थित नहीं हो पाते हैं तो इस दुखद समय में हम शोक संदेश और श्रद्धांजलि मैसेज भेज कर अपनी उपस्थिति का अहसास करवाते हैं। आपने देखा होगा कि जब किसी की मृत्यु हो जाती है तो ओम शांति लिखकर भेजते हैं तो इसका मतलब क्या होता है चलिए हम आपको बताते हैं।
चलिए जानते हैं कि किसी की मृत्यु पर ओम शांति क्यों लिखते हैं:-
जब भी किसी की मृत्यु होती है तो ओम शांति इसलिए लिखते हैं क्योंकि किसी की मृत्यु होने पर परिवार के लोग व्यथित होते हैं। और उनका मन शांत नहीं होता है इस स्थिति में सभी शुभचिंतक चाहते हैं कि वे सब जल्दी ही शांति लाभ करें और मात्रात्मक को भी शांति लाभ हो इसलिए इस मंत्र में निहित यही भावना व्यक्त की जाती है।
आजकल देखने में आया है कि किसी मृत आत्मा के प्रति रूप या ओम शांति लिखने का फैशन चल पड़ा है। मैं आपको बता दूं कि ओम शांति यानी की रिप कोई एक शब्द नहीं है बल्कि एक शॉर्ट फॉर्म है इसे फुल फॉर्म में ही इसका अर्थ छिपा हुआ है। मैं आपको बता दूं की आरआईपी का अर्थ है रेस्ट इन पीस। जिसकी उत्पत्ति लैटिन फ्रेज से हुई है। लोग ओम शांति इसलिए बोलते हैं ताकि मृत्यु होने के बाद भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।


