सिंदूर लगाना क्यो जरूरी है? - letsdiskuss
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komal Solanki

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सिंदूर लगाना क्यो जरूरी है?


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prity singh | पोस्ट किया


सुहागिन स्त्रियों के लिए सिंदूर सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है हिंदू धर्म के अनुसार सुहागिन महिलाएं सिंदूर को अपनी मांग की बीचो-बीच लगाती है सिंदूर जितना गहरा और लंबा लगाया जाता है कहा जाता है पति की आयु भी उतनी लंबी होती है हिंदू धर्म में सिंदूर को सीधे पति की आयु से जोड़ा जाता है ऐसा कहा जाता है कि पत्नी की मांग में सिंदूर भरा हुआ हो तो पति की कभी भी अकाल मृत्यु नहीं होती हैLetsdiskuss

और पढ़े- महिलाएं मांग मे सिंदूर क्यों लगाती है?


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आइए आज हम बताते हैं कि आखिर सुहागन स्त्रियां अपनी मांग पर सिंदूर क्यों लगाती हैं दरअसल इसके पीछे का कारण यह होता है कि सुहागन स्त्री को सिंदूर लगाना सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। हमारे हिंदू धर्म के अनुसार ऐसी मान्यता है कि जो स्त्रियां अपने मांग में सिंदूर लगाती है उनके पति की उम्र लंबी होती है। सिंदूर लगाने से पति की अकाल मृत्यु नहीं होती है। इतना ही नहीं यदि उनके आसपास बुरी शक्तियां मंडरा रही होती है तो माता पार्वती सिंदूर लगाने वाली स्त्रियों के पति की रक्षा करती है। इसलिए मांग में सिंदूर लगाना अति आवश्यक होता है।Letsdiskuss

और पढ़े- विजय दशमी में -सिंदूर खेला- का क्या महत्व है ?


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हिंदू रिती रिवाज मैं सुहागिन औरतें सिंदूर लगाती है। मान्यता के अनुसार पति की लंबी आयु के लिए सुहागिन औरतें सिंदूर लगाती है। सिंदूर स्त्रियों के वैवाहिक होने का प्रतीक भी होता है. सिंदूर सौभाग्य का सूचक भी होता है। लाल रंग शुभ का प्रतीक होता है. जीवन की ऊर्जा और सौभाग्य का प्रतीक होता है। वैज्ञानिक कारण यह भी है कि सिंदूर मस्तिष्क को एकाग्र भी रखता है।

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हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों के अनुसार सुहागन औरत को अपनी मांग पर सिंदूर सजाना एक वैवाहिक संस्कार भी है। हिंदू धर्म के मुताबिक बताया गया है कि सुहागन औरत अपनी मांग पर सिंदूर सजाती हैं और अपने पति की लंबी उम्र के लिए कामना करती हैं शास्त्रों के अनुसार बताया गया है कि सिंदूर लगाने से पति की अकाल मृत्यु कभी नहीं होती है। लाल रंग का सिंदूर काफी ज्यादा शुभ माना जाता है इसीलिए अक्सर सुहागन औरतें अपने मांग पर लाल कलर का सिंदूर लगाती है और अपने भाग को आगे बढ़ाती हैं.।Letsdiskuss


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हिन्दू धर्म मे सुहागिनी महिलाओ को सिदूर लगाना बहुत ही जरुरी होता है, क्योंकि हिन्दू धर्म मे सिदूर सुहागिनी महिलाओ की सुहाग की निशानी होती है, इसलिए हर एक महिला शादी क़े बाद अपने मांग मे सिंदूर लगाना जरुरी समझती है। सिंदूर लगाने की प्रथा बहुत पुरानी है, सिंदूर लगाने की प्रथा रामायण मे विस्तारपूर्वक सीता माँ द्वारा बतायी गयी है।

सीता माँ अपने मांग मे लाल रंग सिंदूर भर रही थी तो हनुमान जी ने पूछा सीता माँ अपने मांग मे लाल रंग क्यों भर रही है तब सीता माँ ने कहा प्रभु श्री राम को लाल रंग बहुत ही पसंद है और उनकी रक्षा क़े लिए मांग मे लाल रंग सिंदूर भरती हूँ। इसलिए सभी सुहागन महिलाएं अपनी पति की रक्षा क़े लिए मांग मे सिंदूर भरती है और पति की लम्बी उम्र क़े लिए सुहागनी महिलाएं व्रत रखती है और मांग मे सिंदूर लगाती है।Letsdiskuss


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सुहागिन स्त्रियों के लिए सिंदूर सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है हिंदू रीति रिवाज में सुहागिन औरतें सिंदूर लगाती हैं मान्यता अनुसार पति की लंबी उम्र के लिए सुहागन औरतें सिंदूर लगती हैं सिंदूर स्त्रियों के वैवाहिक होने का भी प्रतीक होता है लाल रंग शुभ का प्रतीक होता है सीता मां अपने मांगे में लाल रंग सिंदूर भर रही थी तो हनुमान जी ने पूछा सीतम्मा अपने मांग में लाल रंग क्यों भर रही हो तब सीता माँ ने कहा प्रभु श्री राम को लाल रंग बहुत ही पसंद है और उनकी रक्षा के लिए मांग में लाल रंग सिंदूर भरती हूं इसलिए सभी सुहागन महिलाएं अपनी पति की रक्षा के लिए मांग में सिंदूर भरती हैं और पति की लंबी उम्र के लिए सुहागन महिलाएं व्रत रखते हैं और मांग में सिंदूर भरती हैं अपने पति के लंबी उम्र के लिए लाल रंग का सिंदूर काफी ज्यादा शुभ माना जाता है इसलिए हर महिला लाल रंग का ही सिंदूर अपनी मांग में भर्ती है Letsdiskuss


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