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Nov 1, 2019science-and-technology

गणित में नोबल प्राइज क्यों नहीं होता ?

3 Answers
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@kandarpdave1975Nov 1, 2019

नोबल प्राइज एक ऐसा प्राइज है की जो दुनिया में हर किसीका सपना होता है। यह प्राइज भौतिक विज्ञान, रसायन शास्त्र, चिकित्सा, शांति और साहित्य के लिए दिया जाता है। सबसे बड़े आश्चर्य की बात यह है की इन विषयो में गणित का नाम शामिल नहीं है। अल्फ्रेड नोबल की जो इस प्राइज के फाउंडर है उनकी चाह थी की ख़ास क्षेत्रो में प्राइज दिया जाए पर उनके मुताबिक़ गणित कोई ऐसा विषय नहीं की जो मानवता को एक कदम आगे की और ले जाए।


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सौजन्य: जागरण जोश
इस प्राइज का मुख्य उद्देश्य जिन्होंने मानवता की और कुछ अच्छा किया है उन्हें दुनिया के सामने रखने का है। इस व्याख्या में गणित कहीं पर फिट नहीं बैठ रहा और इसीलिए गणित के क्षेत्र में कार्य करनेवालों को नोबल प्राइज नहीं दिया जाता। एक और बात यह भी है की इस विषय के लिए उस समय पहले से एक पुरस्कार मौजूद था। इस के अलावा ऐसा भी माना जाता है की जिस वकत अल्फ्रेड नोबल ने इस पुरस्कार का ऐलान किया था उस दौर में उनकी काफी गणितशास्त्रियो से हरीफाई चलती थी और उनको इस पुरस्कार से वंचित रखने के लिए ही नोबल में गणित को समाविष्ट नहीं किया गया था। हालांकि इस बात के कोई प्रमाण प्राप्य नहीं है।


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@shashikumar9252Nov 12, 2019
मैथ को लेकर नोबेल का मानना था कि यह विषय ज्यादा दिलचस्प नहीं है और इस विषय के जरिए लोगों को ज्यादा लाभ नहीं पहुंचा जा सकता है. गणित के लिए द फिल्ड्स मेडल, द एबल प्राइज और द चरण मेडल अवॉर्ड दिया जाता है. इन तीनों अवार्ड्स को गणित के क्षेत्र में सबसे बड़ा अवॉर्ड माना जाता है.

स्वीडन और नॉर्वे के किंग ऑस्कर II खुद एक गणितज्ञ थे. इसके लिए उन्होंने एग्जिस्टिंग मैथ पुरस्कार की घोषणा की थी. उन्होंने गणित के क्षेत्र के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कार की घोषणा की जा चुकी थी. जिसके बाद नोबेल को लगा कि अगर इस विषय पर पुरस्कार शुरू करूं तो यह पुराने का कॉपी माना जाएगा.


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@ashwaniaalok2385Dec 16, 2019
अल्फ्रेड नोबेल की इच्छापत्र में नामित नोबेल पुरस्कार, भौतिकी, रसायन शास्त्र, शरीर विज्ञान या चिकित्सा, साहित्य और शांति में हैं।

इसका एकमात्र तथ्य यह है कि उन्होंने गणित के लिए बहुत अधिक परवाह नहीं की थी, और यह एक व्यावहारिक विज्ञान नहीं माना गया था, जिससे मानवता लाभान्वित हो सकती थी (नोबेल फाउंडेशन बनाने का मुख्य उद्देश्य)।

इसके अलावा, उस समय गणितज्ञों के लिए पहले से ही एक प्रसिद्ध स्कैंडिनेवियाई पुरस्कार मौजूद था। अगर नोबेल को इस पुरस्कार के बारे में पता था तो शायद वह अपनी इछापत्र में गणितज्ञों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक पुरस्कार जोड़ने के लिए कम मजबूर महसूस करते थे।


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