B
Updated on Apr 22, 2019news-current-topics

किस कारण से नागरिकता विवाद में फंसा राहुल गांधी का नामांकन ?

React
2 Answers

K
Research-Oriented Learner
Answered on Apr 22, 2019
चुनाव के आने के साथ राजनीति में गर्माहट आ गई है। राहुल गाँधी ने अमेठी से अपना नामांकनपत्र भरा उसे भी एक निर्दलीय प्रत्याशी ने चुनाव आयोग के सामने आपत्ति जताते हुए खारिज करने की मांग की है। वैसे ऐसा होना कुछ नया नहीं है क्यूंकि राहुल गाँधी को चुनौती देकर उनके खिलाफ कुछ भी बोलने से हर किसीको पॉपुलैरिटी मिलती है ये आम बात है पर यहां के निर्दलीय प्रत्याशी ध्रुव लाल ने अपनी आपत्ति में राहुल गाँधी की शैक्षिक योग्यता एवं नागरिकता को चेलेंज किया है जो की काफी अहमियत रखता है।
Article image सौजन्य: हिन्दू

जब ध्रुव लाल को उनकी आपत्ति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया है की उनके पास अपने इस दावे के साथ कुछ दस्तावेज भी है जो की उन्होंने चुनाव आयोग को शिकायत पत्र के साथ दिए है। चुनाव आयोग ने इस मामले में इंक्वायरी करने का वक्त माँगा है और अगली सुनवाई 22 अप्रैल को निर्धारीत की है। वहीं स्थानिक कोंग्रेसी नेताओ ने इस दावे को बेबुनियाद बताते हुए योग्य जवाब देनेका एलान किया है। उन्होने तो स्मृति ईरानी के नामांकन का भी जिक्र दिया और उन के खिलाफ भी इंक्वायरी करने तक की मांग कर डाली है। हालांकि अभी चुनाव आयोग इस मामले की छानबीन करने में लगा हुआ है और कुछ भी कहने से इंकार किया है।


React
S
Answered on Apr 22, 2019
इस समय भारत में लोकसभा चुनाव चल रहे हैं तो प्रत्याशी अपने अपने नामांकन कर रहे हैं वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपना नामांकन अमेठी से भरा है। उनके खिलाफ कई और दलों के प्रत्याशी हैं और कई निर्दलीय प्रत्याशी भी हैं। तो इस समय कोई भी प्रत्याशी किसी की भी प्रत्याशी की शिकायत चुनाव आयोग से कर सकता है। ऐसा ही हमें अमेठी में देखने को मिला जिसमें निर्दलीय प्रत्याशी ध्रुव लाल ने राहुल गांधी की शिकायत चुनाव आयोग से की जिसमें उन्होंने राहुल गांधी कि भारतीय नागरिकता पर शंका उठाते हुए कहा है कि भारतीय नागरिकता के सब नियम पूरे नहीं करते हैं इसीलिए उन्हें भारत का नागरिक ना समझा जाए और उनका चुनाव का नामांकन निरस्त कर दिया जाए।
कुछ राजनीतिक विश्लेषकों कााा मानना है कििि ध्रुव लाल यह सब किसीी के कहने पर कर रहे हैं और वह अपनी प्रसिद्धि केेेेे लिए कर रहे जिससे उन्हेंं सब जाने। और कुछ तो यह भी कहते हैं यह सब झूठ है।
चुनाव आयोग ने उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों और शिकायत कीीीीी जांच करने लिए के कहां है और इसकी तारीख 22 अप्रैल है ।

React