जी-20 शिखर सम्मेलन के खत्म होने के बाद भी सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान भारत में रुकेंगे, क्योंकि उन्हें भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का मौका मिलेगा। भारत और सऊदी अरब के बीच ऊर्जा, व्यापार, और निवेश सहित कई क्षेत्रों में व्यापक सहयोग है। सऊदी क्राउन प्रिंस के तीन दिवसीय भारत दौरे के दौरान, दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते किए जाने की उम्मीद है।
सऊदी क्राउन प्रिंस के भारत दौरे के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं:
- भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को और बढ़ावा देना। सऊदी अरब भारत का चौथा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है।
- भारत के साथ व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना। भारत और सऊदी अरब के बीच व्यापार 2022 में 42.6 अरब डॉलर था।
- भारत के साथ सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देना। सऊदी अरब में लगभग 2.4 मिलियन भारतीय रहते हैं।
सऊदी क्राउन प्रिंस के भारत दौरे से दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत होने की उम्मीद है। यह दौरा भारत और सऊदी अरब के बीच एक मजबूत साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
यहां कुछ विशिष्ट पहलुओं का उल्लेख किया गया है जिन पर सऊदी क्राउन प्रिंस और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच चर्चा होने की संभावना है:
- भारत के लिए सऊदी अरब से तेल की आपूर्ति को बढ़ावा देना।
- भारत में सऊदीअरब के निवेश को बढ़ावा देना, विशेष रूप से ऊर्जा में, बुनियादी ढांचे में, और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में।
- भारत और सऊदी अरब के बीच सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देना।
इन पहलुओं को लागू करने से भारत और सऊदी अरब के बीच आर्थिक, राजनीतिक, और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत होने में मदद मिलेगी।


