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Sks Jain

Updated on Dec 23, 2025others

कर्मों का फल कहां मिलता है?

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Society & Culture Explorer
Updated on Dec 23, 2025

मानव अपने कर्मों का स्वर्ण निर्धारक होता है मानव द्वारा किए गए कर्म उसके जीवन की दिशा और दशा निर्धारित करते हैं। अच्छे कर्मों का परिणाम अच्छा व बुरे कर्मों का परिणाम बुरा ही होता है। मानव अपने जीवन काल में अनेकों परिस्थितियों को देखता है। तो हम यह कह सकते हैं कि मानव को अपने कर्मों का परिणाम अथवा फल इसी पृथ्वी में रहकर मिल जाता है इसलिए हमें सदैव अच्छे कर्म ही करनी चाहिए।

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ABOUT THE AUTHORArjun Kumar

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Answered on Nov 15, 2023

आप जानने के इच्छुक है कि कर्मों का फल कहां मिलता है तो चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।दोस्तों मैं आपको बता दूं कि कर्मों का फल आपको इसी धरती पर ही मिलेगा।आज नहीं तो कल आपको अपने कर्मों का फल भुगतना ही पड़ेगा।यदि आप अच्छा कर्म करते हैं तो आपको अच्छा फल मिलेगा,यदि आप बुरा कर्म करते हैं तो आपको बुरा फल मिलेगा। लेकिन फल तो मिलेगा ही।इससे कोई नहीं बच सकता है। यदि आप लोगों के साथ गलत और बुरा व्यवहार करते हैं तो भगवान आपको बहुत कड़ी सजा देगा जिसके बारे में शायद आपको अंदाजा भी नहीं है। और यदि आप लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं तो भगवान आपके साथ हमेशा अच्छा ही करेगा आपको अपने जीवन में हमेशा खुशियां ही मिलेंगे। और फिर मरने के बाद अच्छे कर्म करने वाले लोगों को बैकुंठ धाम भेजा जाता है, और जो बुरे कर्म करता है उसे नरक भेज दिया जाता है।Article image

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Answered on Dec 17, 2022

दोस्तों आपने बुजुर्गों को कहते सुना होगा कि कर्मो का फल सबको मिलता है। संसार में देसी प्राणी ने जन्म लिया है उसे अपने कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है और उनसे मुक्ति नहीं मिलती है यह अलग बात है कि कर्मों का फल कब मिलता है जो कर्म ज्यादा होते हैं उसे बाद में और जो कम होते हैं उसे पहले भोगना पड़ता है। बुरे कर्मों का फल इसी जन्म में भोगना पड़ता है और अच्छे कर्म अगले जन्म में या जन्म के ही कुछ दिनों बाद मिलते हैं। लेकिन कर्मों का फल हमेशा मिलता है

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Answered on Dec 17, 2022

बहुत से लोगों का मानना है कि कर्मों का फल मरने के बाद ऊपर जब हम भगवान के पास जाते हैं तो हमें वहीं पर कर्मों का फल मिलता है लेकिन भागवत गीता में कहा गया है कि कर्मों का फल आपको पृथ्वी लोक पर ही भुगतना पड़ेगा यानी कि जो व्यक्ति जैसा कर्म करेगा उसे उसी के अनुसार पर भी प्राप्त होता है जैसे कि कोई व्यक्ति अच्छा कार्य करता है तो उसे अच्छे फल की प्राप्ति होती है और यदि कोई बुरा कर्म करता है तो उसे नर्क की प्राप्ति होती है इसलिए हमें कभी भी किसी के साथ बुरा नहीं करना चाहिए हमेशा सब के बारे में हित ही सोचना चाहिए।Article image

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Answered on Dec 17, 2022

हमारे द्वारा पृथ्वी लोक में किए गए कर्मों का फल भगवान ऊपर देता है। जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है उसे भगवान स्वर्ग या नर्क में भेजता है और उसके हिसाब से ही उसे दंड दिया जाता है। हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग दंड दिए जाते हैं। अगर कोई व्यक्ति बहुत पुण्य करता है तो उसे वैकुंठ भेजा जाता है. लेकिन अगर कोई व्यक्ति गलत काम और बहुत पापी होता है तो उसे भगवान नर्क में भेजते हैं।Article image

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Answered on Dec 17, 2022

कर्मो का फल भगवान ही देता है, और कर्मो का फल जन्म से लेकर मृत्यु के बीच इसी धरती लोक मे मिलता है कही जाने की जरूरत नहीं पड़ती है। यदि हम कुछ अच्छे कर्म करते है तो उसका फल अच्छा ही मिलता है, जैसे कि हम किसी व्यक्ति के साथ अच्छा व्यवहार करते है तो उसका फल हमें अच्छा ही मिलता है, यदि हम किसी के साथ बुरे कर्म करते है यानि कि किसी व्यक्ति के साथ बुरा करते है उसका फल हमें भी बुरा ही मिलेगा।

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ABOUT THE AUTHORSetu Kushwaha

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