क्या दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल से चला सकते है सरकार - letsdiskuss
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Himani Saini

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क्या दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल से चला सकते है सरकार


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amankumarlot@gmail.com | पोस्ट किया


दोस्तों जानकारी के लिए बता दे कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले के लिए तिहाड़ जेल में बंद किया गया है। अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी (AAP) नेता है और दिल्ली के मुख्यमंत्री भी हैं। ऐसे में केजरीवाल के जेल चले जाने के बाद सरकार चलाने और मुख्यमंत्री पद को किसके द्वारा संभाल जाएगा यह सवाल उठकर सामने आ रहा है। आम आदमी पार्टी के नेताओं की माने तो उनका कहना है कि अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल में रहकर ही सरकार को चलाएंगे। उनके जेल जाने से सरकार या मुख्यमंत्री पद को कोई नुकसान नहीं होगा लेकिन विशेषज्ञों की माने तो जेल में रहकर सरकार चलाना बहुत मुश्किल काम है।

 

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल से नहीं चला सकते सरकार इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:-

1) अरविंद केजरीवाल द्वारा जेल से सरकार चलाने में सबसे बड़ी मुश्किल या है कि NCT दिल्ली एक्ट के अनुसार दिल्ली में किसी भी नए फैसले अथवा किसी भी काम से संबंधित फाइलें केंद्र सरकार और उपराज्यपाल को मुख्यमंत्री के अलावा और कोई नहीं भेज सकता। ऐसे में अगर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल में रहेंगे तो कोई भी नए फैसले से संबंधित फाइलें केंद्र सरकार तक नहीं पहुंच पाएंगे जिसके कारण दिल्ली की प्रशासन व्यवस्था को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

 

2) अरविंद केजरीवाल कोई आम नेता नहीं बल्कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री है और मुख्यमंत्री अपने पूरे मंत्रिमंडल का मुखिया होता है। सभी सरकारी फाइलें मुख्यमंत्री के देखने के बाद ही आगे बढ़ती है। सरल शब्दों में कहे तो सारे सरकारी कामों पर फैसला मुख्यमंत्री द्वारा ही लिया जाता है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री होकर केवल जरूरी न्यायिक कागजों तथा दस्तावेजों पर जेल प्रशासन और अपने वकील की अनुमति के जरिए हस्ताक्षर कर सकते हैं लेकिन उन्हें सभी सरकारी फाइलों को देखना या उन पर हस्ताक्षर करना जेल में रहकर मुमकिन नहीं होगा।

 

3) जेल में रहने के कारण मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने मंत्रिमंडल से मिल नहीं सकते तथा उनके साथ बैठकर किसी फैसले पर विचार विमर्श भी नहीं कर सकते। ऐसे में ना तो वह कोई सरकारी आदेश पारित कर सकते हैं ना ही दिल्ली की आम जनता के लिए किसी प्रकार का कोई नया फैसला ले सकते हैं। जेल में फोन की सुविधा भी न होने के कारण वह किसी से फोन पर भी बात नहीं कर सकते इसीलिए जेल में रहकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सरकार चलाना बेहद नामुमकिन है।

 

 

क्या दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल से चला सकते है सरकार

 

ईडी के मुताबिक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आबकारी नीति घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आए हैं ईडी ने अदालत में यह कहा कि केजरीवाल गैर कानूनी काम से कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की साजिश में मिले हुए थे और इस लाभ के बदले उन्होंने शराब व्यवसाइयों से रिश्वत की मांग की थी। आम आदमी पार्टी ने चुनाव के दौरान गोवा विधानसभा चुनाव में इस अपराध के पैसों का इस्तेमाल किया तथा इन सभी आरोप के दोषी अरविंद केजरीवाल हैं क्योंकि मुख्य निर्णयकर्ता अरविंद केजरीवाल ही थे। इसी कारण से अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ जेल में भेजा गया है तथा तिहाड़ जेल में रहकर उनका सरकार चलाना बेहद नामुमकिन है जिसके बारे में ऊपर हमने आर्टिकल में विस्तारपूर्वक समझाया है। ऐसे में आम आदमी पार्टी के पास केवल दो विकल्प रहते हैं।

 

पहला विकल्प यह है कि अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे और इस्तीफे के बाद विधायक दल का नया नेता चुना जाए तथा दिल्ली का मुख्यमंत्री कोई अन्य व्यक्ति बने एवं दूसरा विकल्प यह है कि दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए क्योंकि संविधान के अनुसार अगर कोई सरकार पर संवैधानिक संकट आता है तो उस सरकार को बर्खास्त करके राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की व्यवस्था है। हालांकि अभी तक अरविंद केजरीवाल ने ना ही इस्तीफा दिया है और ना ही आम आदमी पार्टी द्वारा किसी अन्य नेता को मुख्यमंत्री पद पर बैठाने की बात कही गई है लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह साफ तौर पर कह दिया गया है की जेल में रहकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सरकार चलाना असंभव है और अगर जेल में रहकर केजरीवाल सरकार चलाने की कोशिश करते हैं तो यह दिल्ली की जनता के लिए हितकारी नहीं होगा।



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