पथरी किसी भी व्यक्ति को हो सकती है लेकिन इसका मुख्य कारण यह है कि जब हमारा खान -पान बिगड़ जाने की वजह से मूत्र गाढ़ा हो जाता है तो पेट मे या फिर मूत्र मार्ग मे पथरी बनना चालू हो जाती है और यह गाढ़े पेशाब होने के कारण उसके कण धीरे -धीरे जमा होने लगते हैं और कुछ दिनों में वह पथरी का रूप ले लेता है, यह मूत्र मार्ग में रुकावट डालने लगता हैं, तो इसका मतलब यह होता है कि पेशाब करने पर दर्द महसूस होने लगता है तब रोगी को इसका एहसास होता है कि मूत्र मार्ग मे पथरी हो गयी है।
रोगी पथरी को खत्म करने के लिए डॉक्टर के पास जाता है और डॉक्टर द्वारा लिखी अंग्रेजी दवाईयां खाता है जिससे उसकी पथरी जड़ से खत्म होने मे थोड़ा समय लग जाता है। ऐसे मे हम आपको पथरी ठीक करने के लिए देशी नुस्खा बातएंगे -
आप मे से कुछ ऐसे लोग होंगे जो पत्थरचट्टा पौधे के बारे मे जानते भी होंगे और कुछ लोग पत्थरचट्टा पौधे के बारे मे नहीं भी जानते होंगे तो चलिए हम आपको बताते है, दरअसल मे पत्थरचट्टा पौधे पहाड़ी इलाके मे पाये जाते है, इस पेड़ की पत्तीयों का उपयोग पथरी निकालने मे किया जाता है। सबसे पहले पत्थरचट्टा पौधे की 5-6पत्तियों को पीसकर जूस की तरह बनाकर 1-2महीने तक पिने से मूत्र मार्ग और पेट की पथरी ग़लकर मूत्र मार्ग से बाहर निकल जाती है।





