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Rahul Mehra· 7 years ago
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क्या सचमुच NASA को बृहस्पति गृह (Jupiter ) पर पानी के साक्ष्य मिले हैं ?

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NASA के वैज्ञानिको ने बृहस्पति गृह के लाल धब्बे को जड़ से जांचना प्रारम्भ किया, जिसपर कल रात्रि उनके द्वारा एक घोषणा की गयी | NASA ने इस बड़े लाल धब्बे को पानी का साक्ष्य बताया है | NASA के अनुसार यह लाल धब्बा कुछ और नहीं बल्कि पानी है | NASA के वैज्ञानिको के अनुसार जुपिटर के ऊपर 350 सालो से एक लाल धब्बा अथवा तूफान घूम रहा है जो समयान्तरण के साथ ऑक्सीजन बेअरिंग गैस ,कार्बन मोनोऑक्साइड, के मेल से ऑक्सीजन का रूप ले चुका है जिसके कारण जुपिटर पर ऑक्सीजन की मात्रा सूर्य से अधिक है |

NASA का नया स्पेसक्राफ्ट Juno इस खोज में जुपिटर पर भेजा गया था | दरअसल Juno को बनाया ही इसलिए गया है ताकि वह ग्रहों पर जाकर पानी की खोज कर सके | मुश्किल यह है की जुपिटर पर लाल तूफ़ान के अंदर घुसना Juno के अंत का कारण भी हो सकता है | The great red Spot अर्थात लाल धब्बा इलेक्ट्रो मैग्नेटिक ऊर्जा से भरा हुआ है जिससे बचना बहुत मुश्किल है |

यदि जुपिटर पर मिले पानी के साक्ष्य सचमुच पानी हुए तो पृथ्वी की पानी की समस्या से छुटकारा मिल सकता है | Juno यदि जुपिटर पर सफल हुआ तो NASA द्वारा उसे अन्य ग्रहो पर भी भेजा जायगा, जिनपर Juno नहीं है | Juno पानी को वाष्प की अवस्था में पहचानने का कार्य करता है बिलकुल वैसे ही जैसे उसने जुपिटर पर मिली वाष्प को पानी का साक्ष्य बताया है |
 
NASA के एक वैज्ञानिक Gordon L. Bjoraker का कहना है कि "वो ( ग्रेट रेड स्पॉट ) इतना मोटा नहीं है की हमारी नज़र से बच जाए" | NASA का स्पेसक्राफ्ट Juno 53 दिनों में के बार उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर घूमकर खोजबीन करता है | उन्होंने यह भी बताया की जुपिटर का रेड स्पॉट एक तरह से तीन प्रकार के बादलो से घिरा है, जिसमे उन्हें एक बादल में पानी की आशंका अर्थात ऑक्सीजन की आशंका है, और ऑक्सीजन का अर्थ है पानी |
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Updated on05/30/26
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