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Entertainment & Lifestyleअमृता प्रीतम की बेहतरीन कविताएं कौन सी ह...
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| Updated on October 28, 2022 | entertainment

अमृता प्रीतम की बेहतरीन कविताएं कौन सी हैं ?

2 Answers
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@poojamishra3572 | Posted on February 8, 2019

अमृता प्रीतम का जन्म सन 1919 में पंजाब के गुजराँवाला (जो की पाकिस्तान में है ) जिले में हुआ | उस वक़्त उनके माता पिता ने उन्हें अमृत कौर नाम दिया था | अमृता प्रीतम सिर्फ पंजाब कीएक प्रशिद्ध लेखिका ही नहीं थी, बल्कि वह अपने आप में एक strong personalty और रूढ़िवादी सोच के खिलाफ कदम आगे बढ़ाने वाली औरतों में से एक थी | अमृता प्रीतम उन लेखक महिलाओं में से एक थी जिन्होंने बटवारें के दौर और महिलाओं की वैवाहिक जीवन के कड़वे अनुभवों के अहसास को पन्नो पर उतार दिया |

 

अमृता प्रीतम की जीवनी | Amrita Pritam Biography

 
 
अमृता प्रीतम की अमृता प्रीतम की बेहतरीन कविताएं
-आज वारिस शाह से कहती हूँ
अपनी कब्र में से बोलो
और इश्क की किताब का
कोई नया वर्क खोलो
पंजाब की एक बेटी रोई थी
तूने एक लंबी दास्तान लिखी
आज लाखों बेटियाँ रो रही हैं,
वारिस शाह तुम से कह रही हैं
ऐ दर्दमंदों के दोस्त
पंजाब की हालत देखो
चौपाल लाशों से अटा पड़ा हैं,
चिनाव लहू से भरी पड़ी है
किसी ने पाँचों दरिया में
एक जहर मिला दिया है
और यही पानी
धरती को सींचने लगा है
इस जरखेज धरती से
जहर फूट निकला है
देखो, सुर्खी कहाँ तक आ पहुँची
और कहर कहाँ तक आ पहुँचा
फिर जहरीली हवा वन जंगलों में चलने लगी
उसमें हर बाँस की बाँसुरी
जैसे एक नाग बना दी
नागों ने लोगों के होंठ डस लिये
और डंक बढ़ते चले गये
और देखते देखते पंजाब के
सारे अंग काले और नीले पड़ गये
हर गले से गीत टूट गया
हर चरखे का धागा छूट गया
सहेलियाँ एक दूसरे से छूट गईं
चरखों की महफिल वीरान हो गई
मल्लाहों ने सारी कश्तियाँ
सेज के साथ ही बहा दीं
पीपलों ने सारी पेंगें
टहनियों के साथ तोड़ दीं
जहाँ प्यार के नगमे गूँजते थे
वह बाँसुरी जाने कहाँ खो गई
और रांझे के सब भाई
बाँसुरी बजाना भूल गये
धरती पर लहू बरसा
क़ब्रें टपकने लगीं
और प्रीत की शहजादियाँ
मजारों में रोने लगीं
आज सब कैदो बन गए
हुस्न इश्क के चोर
मैं कहाँ से ढूँढ के लाऊँ
एक वारिस शाह और |
 
अमृता प्रीतम की अद्भुत प्रेम कहानी
 
-मैं चुप शान्त और अडोल खड़ी थी
सिर्फ पास बहते समुन्द्र में तूफान था,फिर समुन्द्र को खुदा जाने
क्या ख्याल आया
उसने तूफान की एक पोटली सी बांधी
मेरे हाथों में थमाईऔर हंस कर कुछ दूर हो गया
हैरान थी….
पर उसका चमत्कार ले लिया
पता था कि इस प्रकार की घटना
कभी सदियों में होती है…..
लाखों ख्याल आये
माथे में झिलमिलाये
पर खड़ी रह गयी कि उसको उठा कर
अब अपने शहर में कैसे जाऊंगी?
मेरे शहर की हर गली संकरी
मेरे शहर की हर छत नीची
मेरे शहर की हर दीवार चुगली
सोचा कि अगर तू कहीं मिले
तो समुन्द्र की तरह
इसे छाती पर रख कर
हम दो किनारों की तरह हंस सकते थे
और नीची छतों
और संकरी गलियों
के शहर में बस सकते थे….
पर सारी दोपहर तुझे ढूंढते बीती
और अपनी आग का मैंने
आप ही घूंट पिया
मैं अकेला किनारा
किनारे को गिरा दिया
और जब दिन ढलने को था
समुन्द्र का तूफान
समुन्द्र को लौटा दिया….
अब रात घिरने लगी तो तूं मिला है
तूं भी उदास, चुप, शान्त और अडोल
मैं भी उदास, चुप, शान्त और अडोल
सिर्फ- दूर बहते समुन्द्र में तूफान है
 
अमृता प्रीतम. | Amrita pritam, Gulzar poetry, Hindi quotes on life
 
- तुम मिले
तो कई जन्म
मेरी नब्ज़ में धड़के
तो मेरी साँसों ने तुम्हारी साँसों का घूँट पिया
तब मस्तक में कई काल पलट गए--
एक गुफा हुआ करती थी
जहाँ मैं थी और एक योगी
योगी ने जब बाजुओं में लेकर
मेरी साँसों को छुआ
तब अल्लाह क़सम!
यही महक थी जो उसके होठों से आई थी--
यह कैसी माया कैसी लीला
कि शायद तुम ही कभी वह योगी थे
या वही योगी है--
जो तुम्हारी सूरत में मेरे पास आया है
और वही मैं हूँ... और वही महक है
 
 
 
 

 

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@krishnapatel8792 | Posted on October 27, 2022

अमृता प्रीतम का नाम तो आप सभी ने सुना ही होगा जिनका जन्म पंजाब के गुजरांवाला नामक जिले में हुआ था। अमृता प्रीतम एक बहुत ही प्रसिद्ध लेखिका थी आज हम आपको यहां पर अमृता प्रीतम की कुछ बेहतरीन कविताएं सुनाना चाहते हैं।

यह आग की बात है

तूने यह बात सुनाई है

यह जिंदगी की वो ही सिगरेट है

जो तूने कभी सुलगाई थी।

चिंगारी तूने दी थी

यह दिल सदा जलता रहा

वक्त कलम पकड़कर

कोई हिसाब लिखता रहा....।

14 मिनट हो गए हैं

इसका खाता देखो....

14 साल ही है

इस कलम से पूछो।Article image

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