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abhishek rajput· 6 साल पहले
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भारतीय मंदिर के बारे में सबसे रहस्यमय बातें क्या हैं?

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जवाब दिया गया10/22/26

भारतीय मंदिरों के बारे में रहस्यों की भरमार है, पर ईमानदारी से कहूँ तो इनमें से कई बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए हैं। इसलिए मैं हर बात के साथ यह भी बता रहा हूँ कि कितनी पक्की है और कितनी दावे भर की।

1. पद्मनाभस्वामी मंदिर का "वॉल्ट B"

यह मंदिर केरल में है, और इसे दुनिया का सबसे अमीर मंदिर कहा जाता है। सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में बनी समिति ने जब मंदिर की संपत्ति का आकलन शुरू किया, तो पाँच तहख़ाने खोले गए, पर एक, वॉल्ट B, अब तक बंद रहा। इसके दरवाज़े पर एक बड़े नाग की आकृति बनी है, और कई लोग मानते हैं कि इसे खोलने से अनर्थ होगा। यह बंद वॉल्ट असली और दस्तावेज़ी तथ्य है। उसके शाप, समुद्र से जुड़ी सुरंग या किसी विमान की कहानियाँ अफ़वाहें हैं। तर्कवादी मानते हैं कि इन किस्सों को जानबूझकर फैलाया गया ताकि ख़ज़ाना सुरक्षित रहे।

2. एलोरा का कैलाश मंदिर

यह शायद सबसे सच्चा "रहस्य" है। कहा जाता है कि इस शिव मंदिर को एक ही चट्टान से तराशने में 150 साल और लगभग 7,000 मज़दूर लगे। यह आँकड़ा लोककथा जैसा है और पक्का नहीं। पर यह बात पक्की है कि पूरा मंदिर एक ही चट्टान को ऊपर से नीचे की ओर काटकर बनाया गया है, जो इंजीनियरिंग का कमाल है।

3. लेपाक्षी का "हवा में लटका खंभा"

आंध्र प्रदेश के वीरभद्र मंदिर में एक खंभा है जो ज़मीन को नहीं छूता, और उसके नीचे से कागज़ या कपड़ा निकाला जा सकता है। एक कहानी यह भी है कि अंग्रेज़ी दौर में एक इंजीनियर ने उसे हिलाने की कोशिश की, तो पूरा ढाँचा हिलने लगा। मेरी जानकारी के अनुसार कुछ लोग इसे सिर्फ़ आंशिक रूप से टिका मानते हैं और कपड़ा हमेशा आर-पार नहीं निकलता, इसलिए जाकर ख़ुद देखना बेहतर है।

4. पुरी जगन्नाथ मंदिर के "अजीब" दावे

कहा जाता है कि मंदिर का झंडा हवा की उलटी दिशा में लहराता है, और ऊपर से पक्षी या हवाई जहाज़ नहीं उड़ते। मैं इन दावों को पक्का तथ्य नहीं मानूँगा। मेरी समझ से तटीय इलाक़ों में हवा की दिशा ऊँचाई के साथ बदल सकती है, और पक्षियों के मंदिर के ऊपर न उड़ने का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलता। ये दावे वैज्ञानिक जाँच से नहीं, श्रद्धा और यात्रा-ब्लॉग्स से फैले हैं।

5. बृहदीश्वर मंदिर की "बिना परछाईं" वाली बात

कई वेबसाइटें कहती हैं कि तंजावुर के इस मंदिर की परछाईं ज़मीन पर नहीं पड़ती। मेरी जानकारी के अनुसार यह दावा ग़लत है, क्योंकि मंदिर की परछाईं पड़ती है और दोपहर में बस छोटी होती है। यह भी एक बार दोहराई गई बात है जो फैलती चली गई, इसलिए इस पर भरोसा मत कीजिए।

6. कामाख्या और करणी माता

असम के कामाख्या मंदिर में अंबुबाची मेले के दौरान "रक्तस्रावी देवी" की मान्यता है, जो देवी के रजस्वला होने का प्रतीक मानी जाती है। राजस्थान के करणी माता मंदिर में हज़ारों चूहे रहते हैं, जिन्हें देवी का परिवार मानकर पूजा जाता है। ये रहस्य कम और जीवित परंपराएँ ज़्यादा हैं।

मेरी ईमानदार राय

असली रहस्य अक्सर वे हैं जो इतिहास और इंजीनियरिंग से जुड़े हैं, जैसे कैलाश मंदिर का बनना या वॉल्ट B का बंद रहना। "विज्ञान भी नहीं समझ पाया" जैसी बातें अक्सर बिना जाँच के दोहराई जाती हैं। श्रद्धा का सम्मान अपनी जगह है, पर तथ्य और मान्यता में फ़र्क़ रखना अच्छा है।

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जवाब दिया गया07/13/20
अमर नाथ गुफा मे शिवलिंग जो अपने आप हर साल बन जाता है बर्फ के द्वारा
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अपडेट किया गया07/22/20
जैसा कि भारत एक लाख रहस्यों का देश है, मैं एक ऐसे मंदिर के अद्भुत रहस्यों को प्रस्तुत करने जा रहा हूं जो मेरे दिल के बहुत करीब है, और एक जो मैंने खुद अनुभव किया है। पुरी में भगवान जगन्नाथ का मंदिर दुनिया भर के हिंदुओं के सबसे लोकप्रिय तीर्थ स्थल में से एक है। यहां मंदिर के कुछ रहस्य हैं:
1. मूर्ति के अंदर का ब्रह्म
हर 12 साल में, भगवान जगन्नाथ की मूर्ति के अंदर रहने वाले ब्रह्मा को मूर्तियों के एक नए सेट में स्थानांतरित कर दिया जाता है। यह अनुष्ठान हजार साल से चल रहा है, लेकिन किसी ने भी ब्राह्मण (एक मंदिर के धार्मिक प्रमुख) को नहीं देखा है। यह बताया जाता है कि जब उनके जाने के बाद भगवान कृष्ण के शरीर का अंतिम संस्कार किया गया था, अग्नि (अग्नि) उनके दिल को जला नहीं सकती थी, और इसलिए भगवान जगन्नाथ की मूर्ति के अंदर का ब्रह्मा भगवान कृष्ण के दिल के अलावा कुछ नहीं है।

2. हवा के विपरीत दिशा में, बेहतर शब्द की कमी के लिए, मंदिर के शीर्ष पर झंडा हमेशा फहराता है।
3. आप किसी भी पक्षी को पुरी जगन्नाथ मंदिर के ऊपर से उड़ते हुए नहीं देख सकते।
4. मुख्य गुंबद (ध्वाजा स्तम्भ) की छाया दिन के किसी भी समय नहीं देखी जा सकती है।
5. किसी भी दिन तैयार किया गया प्रसाद (मंदिर में तैयार किया गया भोजन) न तो बर्बाद होता है और न ही इसकी मांग कम होती है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कुछ अतिरिक्त लोग आते हैं, या कुछ कम लोग। मंदिर सभी को खिलाने में कभी विफल नहीं होता है।
6. मंदिर की रसोई में, 7 बर्तन एक दूसरे के ऊपर रखे जाते हैं, और जलाऊ लकड़ी पर पकाया जाता है। इस प्रक्रिया में सबसे ऊपरी बर्तन में सामग्री पहले पकाई जाती है और फिर नीचे की ओर।
7. सिंघाड़ा के पहले चरण (मंदिर के अंदर से) में प्रवेश करने के बाद, आप समुद्र की आवाज नहीं सुन सकते हैं। लेकिन, जब आप उसी चरण को पार करते हैं (मंदिर के बाहर से) तो आप इसे सुन सकते हैं। यह शाम के दौरान स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

जय हो जगन्नाथ महाराज की



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जवाब दिया गया11/15/22

दोस्तों आज हम भारतीय रहस्यी मंदिरों के बारे में इस पोस्ट पर चर्चा करेंगे भारत में ऐसे कई मंदिर है जहां कई रहस्यी बातें हैं। जैसे बात करें कि वाराणसी के काल भैरव मंदिर की तो वहां काल भैरव मंदिर में दीपक के तेल में हीलिंग पावर पाई जाती है और वहां भगवान काल भैरव के मुंह में सीधे शराब की बोतल भी चढ़ाई जाती है भारत में 64 करोड़ देवी देवताओं की पूजा की जाती है भारत में बहुत से ऐसे मंदिर हैं जहां कुछ ना कुछ रहस्य छुपा हुआ है।

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जवाब दिया गया10/16/21

मुगलों और अंग्रेजों के बीच, मराठों, जो उपमहाद्वीप के मूल निवासी थे, ने कुछ वर्षों तक भारत पर शासन किया। यह लोकप्रिय दावे का खंडन करता है कि ब्रिटिश राज से पहले, भारत कभी भी एक ही श्रृंखला की कमान के तहत एकीकृत नहीं था (आज भारत के कुल क्षेत्र का 74 प्रतिशत उनके नियंत्रण में था)।


क्लेमेंट एटली, तत्कालीन (कार्यालय में: 1945 से 1951 तक) ब्रिटेन के प्रधान मंत्री ने श्री पीबी चक्रवर्ती (पूर्व गवर्नर; बंगाल) को स्पष्ट रूप से बताया कि महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलनों के कारण अंग्रेजों के भारत छोड़ने का विचार केवल एक दिखावा था। निम्नलिखित 2 कारण अधिक अनुरूप हैं, जैसा कि एटली द्वारा परोक्ष रूप से स्वीकार किया गया है: 1) गंभीर रूप से कमजोर भारतीय राष्ट्रीय सेना (नेताजी सुभाष चंद्र बोस) - अंग्रेजों की रीढ़ की हड्डी को नीचे भेजने में उनकी भूमिका सर्वोपरि थी। 2) 1946 का रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह: किसी देश की सेना उसकी विदेश नीति की अंतिम पंक्ति होती है। जब अंग्रेजों ने इस विद्रोह को देखा, तो वे भारत को स्वतंत्रता देने के लिए आतुर हो गए।


हालांकि गांधी की एक प्रमुख भूमिका रही है, लेकिन राष्ट्रीय इतिहास के संस्करणों में जो गौरवशाली स्थान उन्होंने हमें दिया है, वह उनके अनुरूप नहीं है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस, एटली के कारणों आदि को लोकप्रिय अंतःकरण में लाया जाना चाहिए।


भारत ने १९५० में संयुक्त राष्ट्र में चीनियों द्वारा तिब्बत पर कब्जे के विरोध का समर्थन नहीं किया। यह एक बहुत बड़ी गलती थी, जिसका परिणाम हमें अब भी भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि तिब्बत ने मैकमोहन रेखा को मान्यता दी थी (शिमला समझौता, 1914), जबकि चीन ने नहीं किया। और भारत उपमहाद्वीप की क्षेत्रीय गतिशीलता में एक प्रमुख खिलाड़ी होने के नाते, संयुक्त राष्ट्र में तिब्बत के विरोध को अपना समर्थन वापस लेकर स्वाभाविक रूप से घातक झटका दिया।


यह एक तथ्य से कम है, लेकिन फिर भी, जानकारी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रासंगिक है - बडगाम की लड़ाई (1947) में, मेजर सोमनाथ शर्मा और भारतीय सेना के 4 कुमाऊं के उनके जवानों ने अपना मैदान संभाला। यह कश्मीर की रक्षा के लिए बहुत प्रासंगिक था। अगर मेजर शर्मा ने पाकिस्तानियों को जमीन सौंप दी होती, तो श्रीनगर हवाईअड्डा अनिवार्य रूप से पाकिस्तानी हाथों में पड़ जाता, और इसलिए, कश्मीर (यह कोई दिमाग नहीं है - अगर हवाईअड्डा पाकिस्तानी हाथों में गिर जाता, तो भारतीय सेना के पास कोई साधन नहीं होता) श्रीनगर पहुंचने के लिए)। इसलिए, यह सुरक्षित रूप से कहा जा सकता है कि कश्मीर पर तिरंगा फहराने का कारण यह है कि मेजर शर्मा और 4 कुमाऊं के अन्य रैंक 1947 में बडगाम में खड़े थे।


जय हिन्द।

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जवाब दिया गया11/13/22

हमारे भारत देश में 64 करोड़ देवी देवता पाए जाते हैं इसलिए भारत देश को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है अब भारत देश में कहीं भी घूमने चले जाएंगे तो आपको पग पग में मंदिर देखने को मिल जाएंगे इसलिए आज मैं आपको यहां पर आपको भारतीय मंदिरों की रहस्यमय बातें क्या है बताना चाहती हूं।

आपने तो मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के बारे में सुना ही होगा जो कि राजस्थान में स्थित है इस मंदिर को भूत भगाओ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है कहा जाता है कि जिन लोग को प्रेत आत्मा परेशान करती है उन लोगों को बाला मंदिर एक बार अवश्य जाना चाहिए।

दूसरी मंदिर काल भैरव नाथ मंदिर जो कि वाराणसी में स्थित है इस मंदिर में भगवान को शराब चढ़ाया जाता है।लेख की तस्वीर

Krishna Patel
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