बे -सिर -पैर की बात करने का अर्थ है कि जिस बात का कोई मतलब न हो। या फिर जिस बात का कोई मतलब न निकले।
राम बे -सिर -पैर की बात करता है यानि वह हमेशा लम्बी -लम्बी फेकता रहता है कि वह ज़ब कमायेगा तब कार खरीदेगा और किराये से बुकिंग मे कार चलवाएगा। लेकिन ये सब बिना मतलब की बाते करता रहता है, इन सब बातो कोई मतलब नहीं निकलता है, क्योंकि ज़ब वह कुछ काम नहीं करता है तो कार कैसे खरीदेगा।
इसके अलावा श्याम के पिताजी 2भैस खरीदी जिसकी देखभाल श्याम करता था और श्याम बे -सिर -पैर वाली बाते करता था। ज़ब भी कोई उससे पूछे श्याम कितने की भैस खरीदे हो तो वह सबसे झूठ बोलता और कहता 40हज़ार दो भैस खरीदी और भी 3-4भैस खरीदूंगा, ज़ब उसके पास कोई इनकम नहीं थी तो कहा से भैस खरीदता उसकी इन बातो कोई मतलब नहीं निकलता है, बेफिजूल की बाते करता था।
