
गाजर की खीर बनाने के लिए 400 ग्राम गाजर कद्दूकस करके 1 चम्मच घी में 4-5 मिनट भूनें। फिर इसे 1 लीटर उबलते फुल क्रीम दूध में डालकर 25-30 मिनट धीमी आँच पर पकाएँ। खीर गाढ़ी हो जाए तो उसमें लगभग 100 ग्राम चीनी, इलायची पाउडर और कटे मेवे डालें। 2 मिनट पकाकर गैस बंद कर दें। गरम या ठंडी, जैसे चाहें परोसें।
लगभग 4 लोगों के लिए यह खीर 35-40 मिनट में बन जाती है। इसमें न चावल चाहिए, न खोया।
यह खीर बाकी खीर से अलग क्यों लगती है
चावल की खीर में दाने खीर को गाढ़ा करते हैं। गाजर की खीर में यही काम गाजर खुद करती है। पकते-पकते गाजर दूध में घुल जाती है, इसलिए खीर में एक हल्की मिठास और मखमली बनावट आ जाती है।
इसे गाजर के हलवे का "हल्का भाई" समझ लीजिए। स्वाद वही है, पर इसमें दूध ज़्यादा है और घी कम। हलवा बनाने में जितनी मेहनत और समय लगता है, उसका आधा भी इसमें नहीं लगता। यह उत्तर भारत की सर्दियों की पारंपरिक मिठाई है, जब लाल देसी गाजर बाज़ार में आती है।
सामग्री (4 लोगों के लिए)
सामग्रीमात्रागाजर (लाल/देसी हो तो बेहतर)400 ग्राम (लगभग 2 बड़ी)फुल क्रीम दूध1 लीटरचीनी80-100 ग्राम (स्वादानुसार)घी1 बड़ा चम्मचइलायची4 (कुटी हुई)बादाम, काजू8-10 (कटे हुए)किशमिश1 छोटा चम्मचकेसर (वैकल्पिक)8-10 धागे
बनाने की विधि
गाजर तैयार करें: गाजर छीलें, दोनों सिरे काटें, धोएँ और बारीक कद्दूकस कर लें। मोटी कद्दूकस से खीर में रेशे दिखते हैं।
गाजर भूनें: भारी तले की कढ़ाई में घी गरम करें। गाजर डालकर मध्यम आँच पर 4-5 मिनट भूनें, जब तक कच्ची महक न चली जाए। इस कदम को छोड़ने पर खीर में हल्की कच्चापन रह जाता है।
दूध डालें: दूध डालकर उबाल आने दें। फिर आँच धीमी कर दें।
धीमी आँच पर पकाएँ: 25-30 मिनट पकाएँ और हर 3-4 मिनट में चलाते रहें। दूध करीब एक-तिहाई कम होगा और रंग गहरा गुलाबी-नारंगी हो जाएगा।
मिठास और खुशबू: चीनी, इलायची और केसर डालें। चीनी घुलने तक 2-3 मिनट पकाएँ।
मेवे डालें: कटे मेवे और किशमिश मिलाकर गैस बंद करें।
कुछ ऐसी बातें जो अक्सर नहीं बताई जातीं
चीनी आखिर में डालें। गाजर पकने से पहले चीनी डालने पर वह सख़्त रह सकती है और खीर देर से गलती है।
दूध जले नहीं, इसके लिए कढ़ाई के किनारे से मलाई समय-समय पर पलटते रहें। मलाई को खीर में ही मिल जाने दें, यही क्रीमीपन बढ़ाती है।
खीर ठंडी होने पर और गाढ़ी होती है। अगर आप उसे फ्रिज में रखकर परोसने वाले हैं, तो गैस बंद करते समय उसे थोड़ा पतला ही रखें।
मिठास का अंदाज़ा: लाल गाजर प्राकृतिक रूप से मीठी होती है, इसलिए पहले 80 ग्राम चीनी डालकर चखें। फिर ज़रूरत हो तो बढ़ाएँ।
जल्दी में हों तो प्रेशर कुकर में भूनी गाजर और दूध डालकर 2-3 सीटी लगा सकते हैं। पर धीमी आँच पर बनी खीर का स्वाद बेहतर आता है।
आसान बदलाव
व्रत/नवरात्र के लिए: यह खीर बिना चावल की है, इसलिए फलाहार में चल जाती है। बस मेवों और चीनी का ध्यान रखें और घर की परंपरा के अनुसार जाँच लें।
ज़्यादा रिच स्वाद: आखिर में 2-3 बड़े चम्मच कंडेंस्ड मिल्क या ताज़ा खोया डालें।
बच्चों के लिए: मेवे साबुत डालने की जगह उन्हें पीसकर मिलाएँ।
डायबिटीज़ वालों के लिए: चीनी कम रखें और डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह लेकर ही मात्रा तय करें।
सेहत का पहलू
गाजर में बीटा-कैरोटीन होता है, जिसे शरीर विटामिन A में बदलता है। यह आँखों की रोशनी के लिए उपयोगी माना जाता है। अमेरिकी स्वास्थ्य संस्था NIH के अनुसार बीटा-कैरोटीन ज़्यादा खाने से त्वचा पीली-नारंगी पड़ सकती है, पर यह हानिरहित है। हालाँकि खीर में चीनी और घी भी है, इसलिए इसे मिठाई की तरह ही खाएँ, दवा की तरह नहीं।
ध्यान दें: यह जानकारी सामान्य है। किसी बीमारी, डायबिटीज़ या विशेष डाइट पर हों तो अपने डॉक्टर की सलाह लें।




