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pooja mishra· 7 years ago
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CBSE 10th & 12th के नए schedule से बच्चों को क्या फर्क पड़ा है ?

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CBSE के 10th और 12th के नए schedule और exam pattern changes का बच्चों पर mixed effect पड़ा है। कई students और parents का मानना है कि दो बार exam देने का option pressure कम कर सकता है क्योंकि students अपने marks improve कर सकते हैं। CBSE की नई policy competency-based questions और practical understanding पर भी ज्यादा focus कर रही है।

हालांकि कुछ students और teachers ने stress बढ़ने, coaching overlap, लगातार preparation pressure और shorter breaks जैसी चिंताएँ भी जताई हैं।

नई system की वजह से rote learning कम करने और analytical thinking बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। Internal assessment, attendance और projects को भी ज्यादा importance दी जा रही है।

कुल मिलाकर, disciplined और consistent students के लिए यह system फायदेमंद माना जा रहा है, लेकिन कई बच्चों के लिए लगातार exam mode में रहना challenging भी बन सकता है।

Must read: दो महीने में 10th CBSE के course को कैसे cover करूँ

 
 
 
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P
Priya AgrawalRandom Facts Enthusiast
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Updated on06/05/26
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इस साल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में एक बार फिर से फेर बदल किया गया है जिससे कुछ छात्र इससे नाखुश है और कुछ का कहना है की ये schedule ठीक है |
 
- जिन छात्रों को कॉलेज में एंट्रेंस एग्जाम देना है उनके मुताबिक ये नया schedule बिलकुल ठीक है क्योंकि इस नए फेर बदल से छात्रों को एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करने का पूरा समय मिलेगा क्योंकि इस नए schedule के अनुसार इस साल एग्जाम जल्दी खत्म हो जायेंगे |
 
- लेकिन जिन छात्रों के पास Humanities के साथ गणित है उन छात्रों के लिए दिक्कत है क्योंकि किसी गणित के एग्जाम में एक दिन का भी गैप नहीं है जिससे कुछ छात्रों को दिक्कत और परेशानी होने वाली है |
 
- साथ ही Physical Education का चयन करने वाले छात्रों के पास भी कोई अच्छा विकल्प नहीं बचता है क्योंकि फिजिकल एजुकेशन की तैयारी के लिए करीब दो हफ्तों का वक्त मिला है लेकिन बाकी विषयो में दो दिन का गैप है |
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B
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Updated on05/29/26
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साल 2018 की CBSE 10वीं की परीक्षा 21 फरवरी से 29 मार्च तक होगी. वहीं CBSE 12वीं की परीक्षा 15 फरवरी से 3 अप्रैल तक होने वाली है | इस साल सीबीएसई के नए schedule से बच्चो पर बहुत फर्क पड़ा है क्योंकि यह schedule करीब 7 हफ्तों पहले ही जारी कर दिया गया है |
 
सीबीएसई ने इस साल परीक्षा की तारीख़ इस तरह से तय की है की आगे आने वाले किसी भी परीक्षा में आपस में कोई टकराव ना हो , क्योंकि साल 2017 में फिजिक्स के एग्जाम के साथ jee - main का एग्जाम आपस में एक ही दिन पड़ रहा था |
 
cbse के एक्साम्स में गणित की परीक्षा का ख़ास ख्याल रखा गया इसलिए CBSE ने 10वीं की गणित परीक्षा 7 मार्च को, वहीं 12वीं की गणित परीक्षा 18 मार्च को होना तय किया है | सीबीएसई के चेयरमैन चतुर्वेदी ने बताया की बोर्ड का मानना है कि अगर results जल्दी घोषित किया जाता है तो इससे बच्चो को अंडरग्रेजुएट एडमिशन प्रक्रिया के लिए ज्यादा समय मिल जाएगा|
 
साथ ही यह भी कहा कि अप्रैल माह के आखिर में छुट्टियां आरंभ हो जाती हैं , और ऐसे में बच्चो की कॉपी जांचने के लिए टीचर्स नहीं मिल पाते हैं , इसलिए मार्च मध्य से कॉपी जांचने का काम आरंभ हो तो बोर्ड को काफी मदद मिलेगी. वरना अप्रैल माह में स्कूल हमें टेंपरेरी, नए अपाइंट टीचर्स का विकल्प ही कॉपी जांचने के लिए देते है |
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R
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Updated on05/29/26
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