भारत में जन्माष्टमी के दिन दहीहांडी का क्या महत्व है और इस पर्व को क्या मनाया जाता है ? - letsdiskuss
Official Letsdiskuss Logo
Official Letsdiskuss Logo

भाषा


Sameer Kumar

Software engineer at HCL technologies | पोस्ट किया |


भारत में जन्माष्टमी के दिन दहीहांडी का क्या महत्व है और इस पर्व को क्या मनाया जाता है ?


0
0




Marketing Manager (Nestle) | पोस्ट किया


भारत में वैसे तो हर वर्ष सबसे ज्यादा त्यौहार मनाये जाते है मगर भारत में सभी त्योहारों का अपना ही महत्व है तथा भारत में हर त्यौहार अपने साथ बहुत सी खुशिया लेकर आते है| आज हम बात कर रहे है जन्माष्टमी को भारत में क्यों मनाया जाता है तो में आप को यह बता दू की भारत में जन्माष्टमी भी एक ऐसा ही त्योहार है जिसे लोग पूरे उत्साह के साथ मनाते है तथा भारत में हिंदू धर्म के लोगो में इस पर्व का काफी महत्व है तथा इस दिन भगवान श्री कृष्ण जी का जन्म हुआ था| इस लिए भी यह पर्व काफी महत्वपूर्ण है क्योकि भगवान श्री विष्णु जी ने श्री कृष्ण के अवतार में जन्म लिया था| इस पर्व को गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में दहीहांडी जैसी प्रथा के साथ मनाया जाता है| हिन्दू धर्म में इसलिए भी महत्वपूर्ण क्योकि श्रीकृष्ण ने देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान पुत्र के रूप में जन्म लिया था लेकिन उनका पालन और पोषण वृन्दावन के यशोदा और नंद ने किया था| इस तरह की भविष्यवाणी की गई थी कि कंस की बहन देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान कंस की मृत्यु का कारण बनेगी तथा कंस ने इस भविष्यवाणी को सच होने से रोकने के लिए अपनी बहन देवकी और वासुदेव को अपने महल में बंदी बना लिया था  इतना ही नही इस बीच कंस ने देवकी की 6 संतानों को मार भी कर दिया था. तथा जब भगवान श्रीकृष्ण का  जन्म हुआ उस समय वासुदेव ने भविष्यवाणी के निर्देशानुसार उन्हें वृन्दावन यशोदा और नंद के पास छोड़ आये थे| और श्रीकृष्ण ने अपना बचपन वृंदावन में ही बिताया और कुछ  सालों बाद वे मथुरा वापस लौटे तब उन्होंने कंस का वध करके भविष्यवाणी को सच किया |


0
0

Picture of the author