भारत में जन्माष्टमी के दिन दहीहांडी का क्या महत्व है और इस पर्व को क्या मनाया जाता है ?
हमारे भारत देश में जन्माष्टमी के दिन दही हांडी का अपना अलग महत्व है आज हम आपको बताएंगे कि इस पर्व को क्यों मनाया जाता है। इसके पीछे का कारण यह था कि भगवान श्री कृष्ण को दूध दही खाना अत्यधिक पसंद था जब भगवान श्री कृष्ण नन्हे बालक थे तब वे अपने मित्रों के साथ पूरे गांव का भ्रमण करते थे और लोगों के घर से दही मक्खन को चुरा कर खा लेते थे और लोगों के घरों को अस्त-व्यस्त कर देते थे इतना ही नहीं वे कई बार माखन से भरी मटकीयों को भी फोड़ देते थे। और नुकसान होने के बाद ग्वाल वाली माता यशोदा से शिकायत लेकर उनके पास आते थे। लेकिन भगवान श्री कृष्ण किसी की भी बात नहीं मानती थी तभी से सभी गोकुल वासी अपने मक्खन को नुकसान होने से बचाने के लिए ऊंचे स्थान पर रख देते थे लेकिन जब कृष्ण भगवान मक्खन को अपने हाथ से नहीं पाते थे तो वे अपने मित्रों के साथ झुंड बनाकर दही से भरी मटकी को निकाल लेते थे तभी से श्री कृष्ण के इस रूप को याद करने के लिए उनके भक्त लोग दही हांडी का उत्सव मनाने लगे। तब से लेकर अब तक इस उत्सव को बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है।





