Asked 8 years ago

भारत में जन्माष्टमी के दिन दहीहांडी का क्या महत्व है और इस पर्व को क्या मनाया जाता है ?

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Sameer KumarAuthor

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Janmashtami भारत में एक बहुत ही लोकप्रिय और धार्मिक त्योहार है, जो भगवान कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूरे देश में भक्ति, उत्साह और परंपराओं का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है। खासकर India के महाराष्ट्र और उत्तर भारत में यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

जन्माष्टमी के अगले दिन या कई जगह उसी दिन Dahi Handi का आयोजन किया जाता है। यह परंपरा भगवान कृष्ण के बचपन की लीला से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि बाल कृष्ण मक्खन और दही बहुत पसंद करते थे और अपने दोस्तों के साथ मिलकर मटकी (हांडी) तोड़ते थे। इसी कहानी को याद करने के लिए दहीहांडी मनाई जाती है।

इस उत्सव में ऊँचाई पर एक मटकी लटकाई जाती है जिसमें दही, मक्खन, दूध या पैसे रखे जाते हैं। फिर युवाओं की टोली जिसे “गोविंदा पथक” कहा जाता है, मानव पिरामिड बनाकर उस मटकी को तोड़ने की कोशिश करती है। यह दृश्य बहुत रोमांचक और जोश से भरा होता है।

दहीहांडी का महत्व सिर्फ मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह टीमवर्क, साहस और एकता का प्रतीक भी माना जाता है। इसमें भाग लेने वाले लोग एक-दूसरे पर भरोसा करके ऊँचाई तक पहुंचने की कोशिश करते हैं, जो जीवन में सहयोग और मेहनत का संदेश देता है।

महाराष्ट्र के मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में यह आयोजन बहुत बड़े स्तर पर होता है। कई जगहों पर इसमें पुरस्कार और इनाम भी दिए जाते हैं, जिससे यह और भी प्रतिस्पर्धी और लोकप्रिय बन गया है।

आज के समय में दहीहांडी को एक सांस्कृतिक खेल और सामाजिक आयोजन के रूप में भी देखा जाता है। इसमें युवाओं की भागीदारी बहुत अधिक होती है और यह त्योहार लोगों को एक साथ जोड़ने का काम करता है।

अगर आसान भाषा में समझें तो जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म का त्योहार है, और दहीहांडी उसी दिन उनकी बाल लीलाओं को याद करने के लिए मनाया जाता है। यह परंपरा खुशी, भक्ति, टीमवर्क और उत्साह का सुंदर मेल है, जो भारतीय संस्कृति को और भी खास बनाती है।

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Answered By Pari Deshmukh

Reporting what matters — with 12 years of ground-level journalism behind every story.
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Pari Deshmukh is a journalist with over 12 years of experience covering current affairs across print and digital media in India. She holds a Master's degree in Journalism and Mass Communication from Pune University, bringing both academic grounding and extensive field experience to her reporting. Over her career, Pari has reported on national politics, policy developments, social issues, and breaking news events across India. Her work has appeared on platforms including The Print, Scroll.in, and Hindustan Times Digital, where she has built a reputation for factual, balanced, and timely reporting on stories that shape public discourse. With 12+ years in the field, she has covered major national events, conducted ground-level investigations, and interviewed policymakers, civil society leaders, and public figures. Her journalism is driven by one standard — verified facts reported without distortion, regardless of the pressure or pace of the news cycle. She has participated in press panels at the Ramnath Goenka Excellence in Journalism Awards and is a member of the Press Club of India. Her reporting continues to serve readers who need current affairs coverage they can trust.

Answered on05/09/26
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हमारे भारत देश में जन्माष्टमी के दिन दही हांडी का अपना अलग महत्व है आज हम आपको बताएंगे कि इस पर्व को क्यों मनाया जाता है। इसके पीछे का कारण यह था कि भगवान श्री कृष्ण को दूध दही खाना अत्यधिक पसंद था जब भगवान श्री कृष्ण नन्हे बालक थे तब वे अपने मित्रों के साथ पूरे गांव का भ्रमण करते थे और लोगों के घर से दही मक्खन को चुरा कर खा लेते थे और लोगों के घरों को अस्त-व्यस्त कर देते थे इतना ही नहीं वे कई बार माखन से भरी मटकीयों को भी फोड़ देते थे। और नुकसान होने के बाद ग्वाल वाली माता यशोदा से शिकायत लेकर उनके पास आते थे। लेकिन भगवान श्री कृष्ण किसी की भी बात नहीं मानती थी तभी से सभी गोकुल वासी अपने मक्खन को नुकसान होने से बचाने के लिए ऊंचे स्थान पर रख देते थे लेकिन जब कृष्ण भगवान मक्खन को अपने हाथ से नहीं पाते थे तो वे अपने मित्रों के साथ झुंड बनाकर दही से भरी मटकी को निकाल लेते थे तभी से श्री कृष्ण के इस रूप को याद करने के लिए उनके भक्त लोग दही हांडी का उत्सव मनाने लगे। तब से लेकर अब तक इस उत्सव को बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है।Article image

Krishna Patel

Answered By Krishna Patel

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Answered on07/03/22
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भारत में वैसे तो हर वर्ष सबसे ज्यादा त्यौहार मनाये जाते है मगर भारत में सभी त्योहारों का अपना ही महत्व है तथा भारत में हर त्यौहार अपने साथ बहुत सी खुशिया लेकर आते है| आज हम बात कर रहे है जन्माष्टमी को भारत में क्यों मनाया जाता है तो में आप को यह बता दू की भारत में जन्माष्टमी भी एक ऐसा ही त्योहार है जिसे लोग पूरे उत्साह के साथ मनाते है तथा भारत में हिंदू धर्म के लोगो में इस पर्व का काफी महत्व है तथा इस दिन भगवान श्री कृष्ण जी का जन्म हुआ था| इस लिए भी यह पर्व काफी महत्वपूर्ण है क्योकि भगवान श्री विष्णु जी ने श्री कृष्ण के अवतार में जन्म लिया था| इस पर्व को गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में दहीहांडी जैसी प्रथा के साथ मनाया जाता है| हिन्दू धर्म में इसलिए भी महत्वपूर्ण क्योकि श्रीकृष्ण ने देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान पुत्र के रूप में जन्म लिया था लेकिन उनका पालन और पोषण वृन्दावन के यशोदा और नंद ने किया था| इस तरह की भविष्यवाणी की गई थी कि कंस की बहन देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान कंस की मृत्यु का कारण बनेगी तथा कंस ने इस भविष्यवाणी को सच होने से रोकने के लिए अपनी बहन देवकी और वासुदेव को अपने महल में बंदी बना लिया था इतना ही नही इस बीच कंस ने देवकी की 6 संतानों को मार भी कर दिया था. तथा जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ उस समय वासुदेव ने भविष्यवाणी के निर्देशानुसार उन्हें वृन्दावन यशोदा और नंद के पास छोड़ आये थे| और श्रीकृष्ण ने अपना बचपन वृंदावन में ही बिताया और कुछ सालों बाद वे मथुरा वापस लौटे तब उन्होंने कंस का वध करके भविष्यवाणी को सच किया |
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Answered By Aditya Singla

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Answered on12/29/17
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