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Answered on Dec 3, 2019
उस दिन विनायक चतुर्थी का व्रत किया जाता है इसलिए कभी -कभी विनायक चतुर्थी का व्रत, चतुर्थी तिथि से एक दिन पूर्व, तृतीया तिथि के दिन पड़ जाता है। उससे भी जरुरी बात यह है की विनायक चतुर्थी सभी शहरों में अलग-अलग होती है।
विनायक चतुर्दशी पूजा विधि | vinayak chaturdashi puja vidhi
प्रातःकाल उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहन लें |
उसके बाद लाल रंग का कपड़ा बिछाकर गणपति जी को स्थापित करें|
इस दिन दोपहर को मध्याह्न काल के दौरान पूजा करना सबसे ज़्यादा शुभ माना जाता है |
उसके बाद सिंदूर, रोली, अक्षत से उनको तिलक लगाएं और दूब,फूलों की माला,नारियल, गंगाजल और फल चढ़ाएं|
धूप और देसी घी का दीप जलाकर पूजा करें|
मोदक, लड्डू और फल का भोग लगाएं और गणेश जी की आरती करें|
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