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अज्ञात

पोस्ट किया 31 Jan, 2020 |

अगले 30 वर्षों में मेष से मीन राशि पर कब- कब लगेगी शनि की साढ़ेसाती ?

Zyan Malik

Blogger | पोस्ट किया 05 Feb, 2020

Saturn Transit 24 January 2020

सूर्यपुत्र और न्यायाधीश शनि देव माघ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि, 24 जनवरी 2020 को दोपहर करीब 12 बजकर 10 मिनट पर धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश किया। शनि 30 वर्षों बाद स्वराशि मकर राशि में आएंगे। शनि बहुत ही धीमी गति से चलते हैं। शनि एक राशि में लगभग ढाई साल तक रहते हैं। शनि के राशि परिवर्तन से साढ़ेसाती आरंभ हो जाती है।

शनि के एक राशि में ढाई साल तक समय बिताने के लिहाज से सभी 12 राशियों का एक चक्कर लगाने में लगभग 30 साल का समय लगता है। जैसे कि इस समय शनि धनु राशि में गोचर है अब दोबारा धनु राशि में आने के लिए शनि को 30 वर्षों का समय लगेगा।

शनि के किसी 1 राशि में गोचर होने से 7 राशियों पर इसका प्रभाव पड़ता है। 3 राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चढ़ती है। 2 राशियों पर शनि की ढैय्या लगती है और अन्य 2 राशियों पर शनि की नजर हमेशा लगी रहती है। शनि ग्रह की एक राशि में मंद चाल से किसी व्यक्ति के पूरे जीवन में औसतन 2 से 3 बार साढ़ेसाती लग सकती है।  


Pandit Ayush

Blogger | पोस्ट किया 31 Jan, 2020

सूर्यपुत्र शनि देव,जिनका प्रवेश 24 जनवरी 2020 को दोपहर लगभग 12 बजकर 10 मिनट पर धनु राशि से मकर राशि में हुआ। शनि 30 वर्षों के बाद मकर राशि में आये। जैसा कि शनि देव बहुत ही धीमी गति से चलते हैं। शनि किसी भी राशि में लगभग ढाई से साढ़े सात साल तक रहते हैं । जिसको ढैय्या या शनि की साढ़े साती कहते हैं ।


शनि का एक राशि में ढाई साल तक रहना, सभी 12 राशियों तक पहुँचने और उसका चक्कर लगाने में लगभग 30 साल गुज़र जाता है। जैसे कि इस समय शनि धनु राशि पर स्थित है, और अब फिर से शनि को धनु राशि में जाने में 30 वर्षों का समय लगेगा। शनि एक ऐसा ग्रह है, जिसका किसी 1 राशि पर रहना कुंडली की 7 अन्य राशियों पर इसका प्रभाव डालता है। जैसा कि शनि की 3 राशियों पर साढ़ेसाती होती है। 2 राशियों पर शनि की ढैय्या लगती है और अन्य 2 राशियों पर शनि हमेशा अपनी नज़र डालकर रखता है।


(इमेज-वेबदुनिया) 


शनि की साढ़ेसाती :- 

जैसा कि शनि हर राशि पर घूमता है और इसके दौरान हर राशि पर एक विशेष तरह का प्रभाव डालता है । जब शनि का प्रभाव किसी राशि के ऊपर बहुत अधिक पड़ता है, तब यह किसी राशि पर साढ़े सात साल तक रहती है, जिसको शनि की साढ़ेसाती कहते हैं । जब शनि एक राशि पर ढाई वर्ष रहता है और एक राशि पर दूसरे ग्रहों के प्रभाव के कारण से लगातार एक साथ तीन बार किसी राशि को प्रभावित करता है, तो इसको साढ़ेसाती कहते हैं ।

शनि की ढैया :- 
जब किसी राशि पर शनि प्रवेश करता है तो वह एक राशि पर ढाई साल तक रहता है, जिसको ढैया कहते हैं । जैसे ही शनि का समय एक राशि से पूरा हो जाता है तो वो दूसरी राशि पर प्रवेश कर लेता है ।

शनि का प्रभाव :- 
शनि के बारें में हमने पहले भी बात की है । जैसा कि शनि एक ऐसा ग्रह माना जाता है, जिससे सब डरते हैं । शनि ग्रह का प्रभाव बुरा और अच्छा दोनों हो सकता है । शनि का प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी बाकी के ग्रह कौन सी दिशा में है । इसके हिसाब से शनि का प्रभाव होता है । शनि के बारें में आपको एक बात बता दें कि यह ऐसा ग्रह है, कि जिसका ये बुरा करना चाहे उस राशि का कोई देवी देवता अच्छा नहीं कर सकते और इसके विपरीत अगर शनि का प्रभाव किसी के लिए अच्छा हो तो उसका कोई बुरा नहीं कर सकता ।

साढ़ेसाती कौन सी राशि पर कब होगी :- 

- मेष राशि पर 29 मार्च 2025 से 31 मई 2032 तक

- वृष राशि पर 3 जून 2027 से 13 जुलाई 2034 तक

- मिथुन राशि पर 8 अगस्त 2029 से 27 अगस्त 2036 तक

- कर्क राशि पर 31 मई 2032 से 22 अक्टूबर 2038 तक

- सिंह राशि में 13 जुलाई 2034 से 29 जनवरी 2041 तक

- कन्या राशि में 27 अगस्त 2036 से 12 दिसंबर 2043 तक

- तुला राशि में 22 अक्टूबर 2038 से 8 दिसंबर 2046 तक

- वृश्चिक राशि पर 28 जनवरी 2041 से 3 दिसंबर 2049 तक

- धनु राशि में 12 दिसंबर 2043 से 3 दिसंबर 2049 तक

- मकर राशि 26 जनवरी 2017 से 29 मार्च 2025 तक

- कुम्भ राशि 24 जनवरी 2020 से 3 जून 2027 तक

- मीन राशि 29 अप्रैल 2022 से 8 अगस्त 2029 तक