हिंदी साहित्य का सर्वप्रथम इतिहास ग्रंथ हिस्त्वार द ला लितेरेत्यूर हिंदुई ए एंदुस्तानी माना जाता है। यह ग्रंथ Garcin de Tassy द्वारा लिखा गया था।
इसे 19वीं सदी में फ्रेंच भाषा में लिखा गया था, जिसमें हिंदू और हिंदुस्तानी साहित्य का वर्णन मिलता है। यह हिंदी साहित्य के इतिहास को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करने का पहला प्रयास था, इसलिए इसे सबसे पहला इतिहास ग्रंथ माना जाता है।
बाद में रामचंद्र शुक्ला ने हिंदी साहित्य का इतिहास लिखकर इसे अधिक विस्तृत और व्यवस्थित रूप दिया।बयह ग्रंथ हिंदी साहित्य के इतिहास अध्ययन की शुरुआत का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।






