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Apr 28, 2026others

किसी भी इंसान के जीवन में माँ की जगह कोई क्यों नहीं ले सकता ?

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4 Answers

K
Apr 28, 2026

माँ एक ऐसा शब्द है जिसके बारें में चंद शब्दों में व्यक्त करना बहुत कठिन होता है, ख़ास तौर पर इस बात की व्याख्या करना कि किसी भी इंसान के जीवन में की क्यों किसी भी इंसान के जीवन में माँ की जगह कोई और नहीं ले सकता है |

दुनिया में किसी भी बच्चे के जन्म पर वह केवल बच्चे का जन्म नहीं होता बल्कि वह उस माँ का भी वह नया जन्म होता है | जब एक माँ एक बच्चे को जन्म देती है तब उसे 206 हड्डियां टूटने बराबर दर्द होता है जबकि मानव शरीर में केवल 206 हड्डियां ही होती है |
माँ इस धरती की एक ऐसी आर्टिस्ट होती है, जो इस दुनिया में एक जीवित जान को जन्म तो दे देती है पर कभी उस बच्चे के नाम के आगे माँ का नाम नहीं होता, बच्चे के नाम के आगे पिता का नाम होता है, जबकि इस धरती में एक चित्रकार भी अपनी निर्जीव चित्रकारी के नीचे अपना नाम दे देता है |
 
यही कारण है कि यह कह पाना की क्या यह संभावव है की माँ की जगह जीवन में कोई और ले सकता है तो मेरे हिसाब से इसका उत्तर है इस पूरे पृथ्वी पर कोई ऐसा इंसान या रिस्ता नहीं जो माँ की जगह ले पाए |
 

 

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K
May 13, 2019

माँ एक ऐसा शब्द है जिसके बारें में चंद शब्दों में व्यक्त करना बहुत कठिन होता है, ख़ास तौर पर इस बात की व्याख्या करना किकिसी भी इंसान के जीवन में की क्यों किसी भी इंसान के जीवन में माँ की जगह कोई और नहीं ले सकता है |



दुनिया में किसी भी बच्चे के जन्म पर वह केवल बच्चे का जन्म नहीं होता बल्कि वह उस माँ का भी वह नया जन्म होता है | जब एक माँ एक बच्चे को जन्म देती है तब उसे 206हड्डियां टूटने बराबर दर्द होता है जबकि मानव शरीर में केवल 206हड्डियां ही होती है |




माँ इस धरती की एक ऐसी आर्टिस्ट होती है, जोइस दुनिया में एक जीवित जान को जन्म तो दे देती है पर कभी उस बच्चे के नाम के आगे माँ का नाम नहीं होता, बच्चे के नाम के आगे पिता का नाम होता है, जबकि इस धरती में एक चित्रकार भी अपनी निर्जीव चित्रकारी के नीचे अपना नाम दे देता है |


यही कारण है कि यह कह पाना की क्या यह संभावव है की माँ की जगह जीवन में कोई और ले सकता है तो मेरे हिसाब से इसका उत्तर है इस पूरे पृथ्वी पर कोई ऐसा इंसान या रिस्ता नहीं जो माँ की जगह ले पाए |

Article image (courtesy-hindijaankaari)



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Jan 20, 2023

आपने आज यहां पर बहुत ही अच्छा सवाल किया है की पूरी दुनिया में मां की जगह कोई भी इंसान क्यों नहीं ले सकता है। मां तो मां होती है क्योंकि जब माता हमें जन्म देती है तो जन्म देते वक्त उसे 206 हड्डियों के टूटने के बराबर दर्द होता है जिसका दर्द बर्दाश्त करना किसी भी इंसान के बस की बात नहीं होती है लेकिन एक मां अपने बच्चे के लिए इस दर्द को बर्दाश्त कर लेती है इसीलिए तो कहते हैं कि किस दुनिया में मां की जगह कोई भी नहीं ले सकता।Article image

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M
May 25, 2024

किसी भी इंसान के जीवन मे माँ की जगह कोई नहीं ले सकता है क्योंकि माँ क़े प्यार के बराबर कोई प्यार नहीं दे सकता है। माँ क़े बिना जीवन अधूरा सा लगता है, दुनिया मे कई ऐसे इंसान भी है जिनको माँ का प्यार नसीब नहीं होता है। जिस वजह से उनके जीवन मे माँ की कमी हमेशा महसूस होती है, माँ की कमी उनके जीवन मे कोई पूरा नहीं कर सकता है इसलिए माँ की जगह जीवन मे कोई पूरा नहीं कर सकता है। 

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माँ बनना जीवन का सबसे सुखद एहसास होता है,माँ अपने जीवन मे अपने बच्चों क़ो हर सुख -सुविधा देती है। यदि एक दिन माँ घर पर नहीं रहती है, तो उनके बच्चे माँ की पुकार लगाते है और माँ क़े बिना पूरा घर सूना लगता है। माँ क़े बिना एक पल भी बच्चे नहीं रहते है, यहाँ तक एक पिता भी बच्चों क़े जीवन मे माँ की कमी क़ो पूरा नहीं कर सकता है। इसलिए  जीवन क़े हर एक पल मे बच्चों क़े ऊपर माँ की छवि होना बेहद जरूरी होता है। लेकिन इस दुनिया मे कुछ ऐसे लोग भी है, जिनकी माँ है, लेकिन माँ क़े होने की अहमियत नहीं समझते है।

 

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कुछ बच्चे होते है, जिनकी शादी हो जाती है वह अपनी माँ क़ो खाने तक नहीं देते है और ऊपर से अपनी माँ क़ो बोलते है कि तुमने हमारे लिए क्या किया है। लेकिन माँ क़े दूध का कोई बच्चा कर्ज नहीं चूका सकता है, इसलिए माँ क़े प्यार क़ो नहीं भूलना चाहिए। क्योंकि एक माँ ही होती है, हमे जन्म देती है और इस दुनिया मे हमे लाती है हमारा पालन-पोषण भी माँ ही करती है इसलिए हमे माँ की कद्र करनी चाहिए। माँ क़े बिना कुछ नहीं है, माँ हमारे लिए किसी भगवान से कम नहीं होती है लेकिन जो लोग माँ की कद्र नहीं करते है माँ क़ो गाली देते है उनके प्यार क़ो नहीं समझते है ऐसे लोगो क़ो अगले जन्म मे नर्क मे जाते है। 

 

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